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'गोल्डन गर्ल' मनु भाकर को मां का सलाम, खोले बेटी के ऐसे राज, सबको होगा नाज

Mon, 12 Mar 2018 09:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर(हरियाणा)
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मनु भाकर
वूमेन्स डे के मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं 16 साल की उस बहादुर बेटी के बारे में, जिस पर पूरा देश नाज कर रहा है। जानिए कौन हैं?
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मनु भाकर
हम बात कर रहे हैं मैक्सिको में चल रहे शूटिंग वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतने वाली मनु भाकर की। हरियाणा में झज्जर जिले की रहने वाली 11वीं की छात्र मनु ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। अब मनु विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली देश की सबसे युवा निशानेबाज बन गई है। मनु ने पहले महिला वर्ग की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में पहला गोल्ड जीता और अब प्रकाश मिथरवाल के साथ मिलकर मिक्सड इवेंट में गोल्ड मेडल जीता है।
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मनु भाकर
मनु ने यह दूसरा गोल्ड 10 मीटर एयर पिस्टल (मिक्स इवेंट) में जीता। मनु ने मैक्सिको के अलेजांद्रा जावाला को पछाड़ते हुए इस मेगा टूर्नामेंट में दूसरा गोल्ड हासिल किया है। उन्होंने 24 शॉट के फाइनल के अंतिम शॉट में 10.8 अंक का स्कोर बनाया, जिससे उनका टोटल स्कोर 237.5 रहा। मनु के 2 गोल्ड हासिल करने के बाद भारत 3 गोल्ड और 4 ब्रॉन्ज मेडल के साथ मेडल टैली में नंबर 1 पर आ गया है।

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मनु भाकर
मां सुमेधा भाकर की खुशी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे, वह कहती है मनु भाकर ने बताया कि अपनी इस उपलब्धि के चलते मनु ने 2018 में होने वाले यूथ ओलंपिक चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। मनु अब 2018 में हाने वाले यूथ ओलंपिक में भी देश का परचम लहराएगी। बता दें कि मनु के पिता रामकृष्ण भाकर मर्चेंट नेवी में इंजीनियर हैं। मां सुमेधा भाकर स्कूल में टीचर हैं। एक बड़ा भाई अखिल (18) आईआईटी की कोचिंग ले रहा है।

 
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मनु भाकर
सुमेधा भाकर बताती हैं कि पिस्टल शूटिंग शुरू किए मनु को अभी सिर्फ दो साल हुए हैं। इससे पहले वह एक मुक्केबाज थीं, लेकिन आंख में चोट लगने की वजह से उसने मुक्केबाजी छोड़ दी, लेकिन खेल के प्रति अपना जज्बा कम नहीं होने दिया और शूटिंग में करियर बनाया। मनु पिछले साल आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में 49वें नंबर पर रहीं थीं। अब सीनियर वर्ल्ड कप में पहले नंबर पर पहुंच गईं। मनु शूटिंग से पहले 6 अन्य खेलों में भी खुद को आजमा चुकी हैं।
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मनु भाकर
खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी अव्वल है
सुमेधा भाकर ने बताया कि उसकी बेटी ने महज दो साल पहले शूटिंग शुरू की थी। फरवरी महीने की 23 तारीख को उसे शूटिंग करते हुए दो साल हो गए। मनु ने शूटिंग कहीं और नहीं बल्कि अपने ही स्कूल के प्ले ग्राउंड में सीखी। 16 साल की मनु भाकर खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी अव्वल रही है। वह इस समय मेडिकल स्ट्रीम से ग्यारहवीं कक्षा की पढ़ाई कर रही है। 10वीं में भी सीबीएससी बोर्ड से 10 सीजीपी लेकर स्कूल में अव्वल स्थान हासिल किया था।
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मनु भाकर
हर साल खेल बदलती हैं, टांता में नेशनल चैम्पियन है
मनु के पिता रामकिशन भाकर बताते हैं कि वह हर साल खेल बदलती है। वह अब तक कराटे, थांग टा, टांता, स्केटिंग, स्वीमिंग और टेनिस खेल चुकी है। कराटे, थांग टा और टांता में नेशनल लेवल पर मेडल जीत चुकी है। टांता में लगातार तीन बार नेशनल चैंपियन रही है। स्केटिंग में भी स्टेट मेडल जीत चुकी है। मनु ने स्कूल लेवल पर स्वीमिंग और टेनिस भी खेला है। फाइनली शूटिंग में गोल्ड मेडल जीतकर चैम्पियन बनी।

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मनु भाकर
स्कूल में शूटिंग रेंज में करती है प्रैक्टिस
मनु भाकर के स्कूल प्रांगण में शूटिंग रेंज है। इसमें करीब 30 खिलाड़ी रोजाना अभ्यास करते हैं। मनु भाकर की जीत से उक्त खिलाड़ियों का भी हौसला बढ़ा है और वह मनु भाकर की तरह ही वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक प्राप्त करने के लिए और अधिक प्रयास करने की बात कह रहे है। गांव के निजी स्कूल में पढ़ने वाली मनु भाकर की सहपाठी अंजलि और प्रीती ने बताया कि मनु भाकर शुरू से ही काफी मेहनती है और हम काफी भाग्यशाली हैं कि मनु के साथ हमने पढ़ाई और प्रेक्टिस की।

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मनु भाकर
शस्त्र लाइसेंस न बनने से हुई थी परेशानी
सुमेधा भाकर बताती हैं कि मनु को प्रेक्टिस करने के लिए विदेश से एक गन मंगवाने के लिए उसे पिस्टल लाइसेंस की जरूरत पड़ी थी। लेकिन झज्जर जिला प्रशासन ने उनके लाइसेंस के आवेदन को रद्द कर दिया था। लेकिन बाद में जब यह मामला मीडिया की सुर्खियों में आने के बाद सरकार के संज्ञान में आया तो प्रशासन द्वारा की गई त्वरित जांच में फाइल संबंधित त्रुटि मिलने के बाद उसे दूर करते हुए उन्हें सप्ताह भर में ही लाइसेंस जारी कर दिया था।

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मनु भाकर
मनु भाकर ऐसे बनी चैम्पियन
सुमेधा भाकर ने बताया कि एक दिन उसके पापा रामकृष्ण भाकर शूटिंग रेंज में मनु के साथ घूम रहे थे, उन्होंने मनु को शूटिंग करने के लिए कहा। मनु ने शूटिंग की तो पहले ही शूट में उसने बिल्कुल बीच में 10 नंबर टारगेट पर शूट किया। तभी से उसने शूटिंग शुरू की और स्कूल में कोच के पास सीखा। इसके बाद नेशनल कोच यशपाल राणा ने मनु को ट्रेनिंग दी। वहीं से गुर सीखकर वह वर्ल्ड चैंपियन तक पहुंच गई।
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मनु भाकर
म्यूजिक सुनते हुए करती है प्रैक्टिस
सुमेधा भाकर ने बताया कि मनु का प्रैक्टिस करने का तरीका भी बेहद अलग है। वह म्यूजिक सुनते हुए प्रैक्टिस करती है। मनु ने शूटिंग में पहला पदक वर्ष 2016 में महेंद्रगढ़ में जीता। यहां तीन स्वर्ण पदक जीते। कुमार सुरेंद्र सिंह प्रतियोगिता में जूनियर व यूथ में स्वर्ण पदक। दिल्ली में आयोजित सैयद वाजिद अली प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक। पुणे में आयोजित प्रतियोगिता में एक स्वर्ण व एक रजत, दो कांस्य पदक।
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