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एक एसिड अटैक पीड़िता, 40 सर्जरी 50 लाख खर्च, मौत से भी बद्तर जिंदगी जी रही...

Mon, 12 Mar 2018 09:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा(पंजाब)
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Bathinda Acid attack
एसिड अटैक, अब तक करीब 40 सर्जरी करा चुकी है। 50 लाख से ज्यादा रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन जिंदगी आज भी मौत से बद्तर है इस बेटी की।

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Bathinda Acid attack
ये है पंजाब के बठिंडा निवासी अमनप्रीत की दर्दभरी कहानी। ब्यूटी पार्लर से घर चला रही अमनप्रीत जब आइना देखती हैं तो रोने लगती हैं। वह कहती हैं, ग्राहक का काम तो मैं कर देती हूं, लेकिन शीशा मेरे सामने आता है तो पुरानी यादें ताजा हो जाती है और दिल भर आता है। 31 जनवरी 2011 की उस मनहूस शाम की याद आते ही अमनप्रीत कौर सिहर उठती है।

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Bathinda Acid attack
शाम सात बजे वह अपनी मां के साथ ब्यूटी पार्लर बंद कर रिक्शे पर घर लौट रही थीं, तभी पीछे से किसी ने उसका नाम लेकर आवाज दी। वह पलटकर देखती, उससे पहले ही मंकी कैप डाले बाइक सवारों ने उसके सिर पर तेजाब डाल दिया। इससे अमनप्रीत कौर के आंख, कान, नाक और चेहरा बुरी तरह झुलस गया। साथ बैठी मां का भी पेट के नीचे का हिस्सा तेजाब से जल गया।

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Bathinda Acid attack
तेजाब उसके गले के अंदर तक चला गया, जिससे आवाज भी भरभरा गई। इस तरह दो मिनट के अंदर ही उनका सब कुछ उजड़ गया।  अमनप्रीत कहती है कि आरोपी तो फरार हो गए, लेकिन वहां खड़े लोगों ने उनकी सहायता नहीं की, तमाशबीन बने रहे। 15-20 मिनट बाद पुलिस और एंबुलेंस को सूचित किया गया, तब लोग उन्हें सिविल  अस्पताल लेकर गए। हालत देख डाक्टरों ने उन्हें फरीदकोट रेफर किया, जहां से उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया गया।

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Bathinda Acid attack
जीजा ने ही करवाया एसिड अटैक
पुलिस तहकीकात में जब कॉल डिटेल निकाली गई तो पता चला कि तेजाब अमनप्रीत कौर पर बुरी नजर रखने वाले जीजा ने ही डाला है। पीड़िता की मां ने कहा कि आरोपी दलजिंदर सिंह के साथ उनकी बड़ी बेटी हरप्रीत कौर की शादी हुई थी, जिसके बाद उनका दामाद अपनी पत्नी की बहन अमनप्रीत कौर पर बुरी नजर रखने लगा। अमनप्रीत ने इसका विरोध किया तो उसने इस घटना को अंजाम दे डाला। अब आरोपी का उसकी बहन से तलाक का केस चल रहा है।
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एसिड अटैक से पहले और बाद की तस्वीर
वह तीन वर्ष तक जेल में भी रहा, फिर बरी हो गया। लोअर कोर्ट के फैसले को चैलेंज करते हुए उन्होंने अब हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। चंडीगढ़ के वकील एचसी अरोड़ा उनकी अंधेरी जिंदगी में रोशनी डालने के लिए उनके केस को निशुल्क लड़ रहे हैं। उन्होंने अपनी ओर से उनकी आर्थिक सहायता भी की है। अरोड़ा का कहना कि चाहे निचली अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया है, लेकिन वह मरते दम तक उसे सजा दिलाने के लिए यह केस लड़ेंगे।

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Bathinda Acid attack
अमनप्रीत के पिता कीर्तन सिंह ने बताया कि अब तक उनकी बेटी की कुल 40 सर्जरी हो चुकी हैं, जिन पर लाखों रुपये के करीब खर्च आ चुका है। सरकार और प्रशासन ने उनको पांच वर्षों तक धोखे में रखा। घटना के बाद प्रशासन ने उनकी सहायता तो क्या करनी थी, उल्टा सहायता के नाम पर उनका मजाक उड़ाया जाता रहा। घटना के बाद वह अपनी बेटी और पत्नी को उपचार के लिए पीजीआई चंडीगढ़ ले गए थे, जहां पर किसी ने उनकी नहीं सुनी।

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Bathinda Acid attack
तीन दिन तक वह शवों के साथ सोते रहे। एक बेड पर शव रखा होता था और दूसरे बेड पर दोनों मां बेटी लेटती थीं, जबकि वे खुद बेड के साथ फर्श पर सोते थे । बेटी व पत्नी के उपचार के लिए उन्होंने उस समय की सरकार का कोई भी ऐसा मंत्री नहीं छोडा, जिससे मदद न मांगी हो। तत्कालीन सीएम प्रकाश सिंह बादल से भी मिले, पर उन्होंने भी कोई मदद नहीं की। बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर से भी कई बार गुहार लगाई, मगर वह भी नहीं पसीजीं।
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marriage
शादी को नहीं आया कोई सामने
पीड़िता की मां का कहना है कि घटना के बाद उनकी बेटी का नाक, कान, व चेहरा और सिर बुरी तरह झुलस गए थे। सर्जरी के बाद कुछ राहत तो है पर नाक व कान वैसे नहीं हैं। अभी तक उनकी बेटी के साथ कोई युवक शादी करने के लिए आगे नहीं आया है। अगर कोई दिलेर युवक शादी करने का आग्रह करेगा तो वह पीछे नही हटेंगी, पर कोई इतनी हिम्मत दिखाए तो बात बने।
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