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MBA पास, पक्की जॉब मिली, पर छोड़ दी और लगा दी रेहड़ी, देने लगी 'मां का प्यार'

Wed, 03 Jan 2018 04:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला(हरियाणा)
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MBA Graduate radhika - फोटो : amarujala
इस बेटी के जज्बे को सलाम कीजिए। लोग एमबीए करके अच्छी नौकरी की तलाश करते हैं, लेकिन इस युवती ने पक्की जॉब छोड़ खाने की रेहड़ी लगा दी।
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राधिका अरोड़ा का फूड कार्ट मां का प्यार
मोहाली के इंडस्ट्रियल एरिया फेज आठ में वह रोजाना एक से तीन बजे तक अपनी रेहड़ी लगाती है। रिलायंस में एचआर की जमी-जमाई जॉब छोड़कर उसने खाने की रेहड़ी खोली है। नाम हैं राधिका अरोड़ा। राधिका की रेहड़ी पर राजमा-चावल, कढ़ी-चावल, दाल-चावल, रोटी सब्जी सहित वह सब है, जो घर में बनते हैं। इसका स्वाद वैसा ही लगेगा, जैसे मां के हाथ से बने खाने का होता है। इसीलिए राधिका ने रेहड़ी का नाम मां का प्यार रखा है।
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MBA Graduate radhika - फोटो : amarujala
मूल रूप से अंबाला की रहने वाली राधिका अरोड़ा ने बताया कि बीकॉम की पढ़ाई के बाद एमबीए करने के लिए वह चंडीगढ़ आ गई। लांडरां ग्रुप ऑफ कॉलेजेज से एमबीए की पढ़ाई के दौरान उसे पीजी में रहना पड़ता था। पढ़ाई ठीक चल रही थी, लेकिन पीजी का खाना परेशान करता था। न तो स्वाद होता और न ही पका होता। ऊपर से पैसे काफी देने पड़ते थे। ऐसे में राधिका अपनी मां के पकाए खाने का बहुत मिस करती थी।

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MBA Graduate radhika arora - फोटो : amarujala
यहीं से राधिका को आइडिया आया और उसने ठान लिया कि वह कुछ ऐसा करेगी कि वर्किंग लोगों को घर का खाना मिले। हालांकि इसके लिए राधिका को सबसे पहले घर वालों को मनाना पड़ा। राधिका के पिता गैस एजेंसी चलाते हैं। जब राधिका ने बताया कि वह अपनी नौकरी छोड़कर खाने की रेहड़ी लगाना चाहती है तो यह सुनकर घर वाले हैरान रह गए।
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MBA Graduate radhika - फोटो : amarujala
उन्होंने राधिका को मनाने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही। काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार पैरेंट्स मान गए और रेहड़ी खोलने की परमिशन दे दी। राधिका ने बताया कि फूड बिजनेस में उसने अपनी सेविंग लगाई है। जॉब के दौरान उसने जो पैसा बचाया था, उसका इस्तेमाल फूड कार्ट में किया। वह रोजाना 70 प्लेट खाना बनाती है। दोपहर एक से लेकर तीन बजे तक उसकी रेहड़ी पर खाना मिलता है।
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MBA Graduate radhika - फोटो : amarujala
फोटोग्राफी और पेंटिंग का शौक रखने वाली राधिका ने बताया कि इस ठेले को उसने खुद से सजाया। अब वह चंडीगढ़ आईटी पार्क में भी ऐसा ठेला खोलने पर विचार कर रही है,  जहां लंच के साथ-साथ, ब्रेकफास्ट की सर्विस शुरू करेगी। वह कहती है कि जिस प्रकार मां का प्यार फूड कार्ट पर लोग आ रहे हैं उससे मुझे उम्मीद जगी है कि भविष्य में वह खुद का होटल खोल सकती है।

 
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