नई सरकार रोजाना अपने नए-नए फैसलों से लोगों को चौंका रही है। राज्य सरकार ने VIP कल्चर पर एक और करारा प्रहार किया है जिससे काफिले में चलने वाले नेताओं को झटका लगना तय है, देखिए
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- फोटो : File Photo
दरअसल, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सभी पुलिस कमिश्नर और एसएसपी को निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा और गैर जरूरी ड्यूटी कर रहे पुलिस मुलाजिमों को तुरंत वापस बुलाया जाए। पुलिस मुलाजिमों की संख्या का मूल्यांकन किया जाए ताकि पुलिसकर्मियों का कल्याण और उनके कामकाज में सुधार यकीनी बनाया जा सके। लोगों की सुरक्षा को अधिक से अधिक पुलिस मुलाजिम तैनात किए जा सकें।
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- फोटो : फाइल फोटो
जिला अधिकारियों के साथ पहली बैठक में सीएम ने कहा कि लोगों को दी सुरक्षा का जायजा लेने को डीजीपी लॉ एंड ऑर्डर की अगुवाई में कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी को संवैधानिक, सार्वजनिक पदाधिकारियों, अधिकारियों और निजी लोगों को मुहैया करई गई सुरक्षा का जायजा लेने का काम सौंपा गया है। जोकि अपनी रिपोर्ट 24 मार्च को डीजीपी सुरेेश अरोड़ा को सौंपेगी।
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
कैप्टन ने कहा कि उनकी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बड़े पुलिस सुधार लागू करने का फैसला किया है। यह वादा कांग्रेस ने अपने मेनिफेस्टो में किया था। उन्होंने डिविजनल कमिश्नर, डीसी, पुलिस कमिश्नर और एसएसपी से कहा कि पुलिस थानों की सीमाएं तर्कसंगत बनाने पर तुरंत काम शुरू करें। दो सप्ताह में गृह विभाग को इस पर प्रस्ताव भेजें। सरकार ने कार्य कुशलता बढ़ाने को थानों व सब-डिवीजनों के क्षेत्रों को दोबारा ढांचागत करने का फैसला किया है।
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
उन्होंने पुलिस मुलाजिमों के काम के घंटे निर्धारित करने के भी निर्देश दिए। इसमें थानों और पोस्टों पर काम करने वाले मुलाजिमों पर विशेष बल दिया। सीएम ने कहा कि सरकार ने पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के घंटे निर्धारित करने का फैसला किया है ताकि उनकी स्थिति में सुधार लाया जा सके, वे अपने परिवारों की तरफ ध्यान दे सकें। पुलिसकर्मियों का कल्याण भी उनका चुनावी वादा था।
कैप्टन ने कहा कि रोजमर्रा के कामों में वह अधिकारियों को खुली छूट दे रहे हैं पर जवाबदेही और समयबद्ध नतीजों की उम्मीद करते हैं। बैठक में मुख्य प्रमुख सचिव सुरेश कुमार, मुख्य सचिव करन अवतार सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह एनएस कलसी, डीजीपी सुरेश अरोड़ा समेत कई अधिकारी मौजूद थे।