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किसानों ने भेजा संदेश...हक लिए बिना नहीं लौटेंगे, कुछ इस अंदाज में निभाई जा रही है उनकी सेहत की जिम्मेदारी

Thu, 10 Dec 2020 02:57 PM IST
निवेदिता शर्मा नगमा सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
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मोहाली में किसानों के लिए तैयार किया गया गाजर का हलवा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बढ़ती ठंड के बीच कृषि कानूनों के विरोध में किसान दिल्ली में डटे हैं। अभी आंदोलन खत्म होने के आसार नजर नहीं आ रहे। आंदोलनकारी किसानों में ज्यादा तादाद बुजुर्ग किसानों की है। ठंड में उनकी सेहत न बिगड़े, इसके लिए पंजाब में उनके परिजन तो परेशान हैं ही, बाकी लोग भी सोच में हैं। किसानों ने दिल्ली से संदेश भिजवाया है कि यह आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर का हो चुका है। ऐसे में बिना इन कानूनों को वापस कराए गांव नहीं लौटेंगे। ऐसे में उनकी सेहत बनी रहे, इसलिए मोहाली के ग्रामीणों ने अपना समर्थन दिखाने के लिए दूध और गाजर का हलवा दिल्ली भिजवाया है। 
 
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मोहाली में गाजर का हलवा तैयार करने में मदद करते लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पंजाब के मोहाली में एयरपोर्ट से सटे गांव चोमाजरा से आंदोलन कर रहे किसानों के लिए नौ क्विंटल गजरेला (गाजर का हलवा) और 20 क्विंटल दूध दिल्ली भेजा गया है। चोमाजरा के गुरुद्वारा साहिब में रविवार से गजरेला बनाने की तैयारियां की जा रही थी। 6 क्विंटल दूध, 6 क्विंटल गाजर, 50 किलो सूखे मेवे और 2 क्विंटल खोआ मिलाकर 9 क्विंटल गजरेला तैयार किया गया है। यह काम गांव की महिलाओं ने किया है। 
 
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दिल्ली धरने में मदद करते गांव चोमाजरा के युवक और गांव के सरपंच यादविंदर सिंह। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
चोमाजरा गांव में लगभग 100 परिवार हैं। सभी परिवार किसानी से जुड़े हैं। सरपंच यादविंदर सिंह धालीवाल ने बताया कि वे और उनके 24 साथी लगातार धरने की जगह पहुंच कर लोगों की सेवा कर रहे हैं। लोग भी इसमें सहयोग कर रहे हैं। हमारे और पास के गांव से 40 ट्रालियां दिल्ली के लिए रवाना हुई थीं। तीन ट्रालियों में गजरेला पहुंचाया गया है। आंदोलन में डटे किसानों के घरों की देखभाल 25 नौजवानों की टीम कर रही है।

 

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मोहाली से दिल्ली गया युवकों का दल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली के गांव कुरड़ी से भी ग्रामीणों ने आंदोलनरत किसानों के लिए 40 क्विंटल दूध भेजा है। यह सिलसिला अभी जारी है। गांव कुरड़ी के सरपंच छज्जा सिंह ने बताया कि गांव में 80 प्रतिशत किसान परिवार ऐसे हैं, जिनके पास थोड़ी जमीन है। साथ ही घर में दो या तीन पशु रखे हैं ताकि वे दूध बेचकर अपना घर खर्च चला सकें। अगर इन परिवारों की जमीनों को छेड़ा जाएगा तो इन परिवारों का क्या होगा। 
 
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मोहाली से सामान लेकर दिल्ली गया युवकों का दल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छज्जा सिंह ने कहा कि जब से किसानों ने दिल्ली में मोर्चा संभाला है तब से हर परिवार की कोशिश है कि किसानों को मदद पहुंचाई जाए। गांव में रहकर 14 दिनों से किसानों द्वारा दिए जा रहे धरने में हिस्सा लिया जा सके। जिन परिवारों के लोग पहले दिन से दिल्ली में बैठे हैं। उनके परिवारों में पशुओं की देखभाल में आ रही परेशानी के बीच भी सेवा की जा रही है। 
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