हरियाणा की गाय-भैंस देश ही नहीं विदेश में भी खासी पहचान रखती हैं। इन्हीं में से एक है बोहर गांव का शेरू (झोटा-भैंसा), जोकि अमेरिका तक में चर्चित है। शेरू का सीमन देश में प्रयोग होने के साथ-साथ अमेरिका में भी एक्सपोर्ट किया जा रहा है। इससे शेरू की सालाना आठ लाख रुपये की कमाई हो रही है।
शेरू के मालिक देवेंद्र कोच बताते हैं कि शेरू (भैंसा) देश के टॉप दो भैंसों में शामिल है। कोच ने बताया कि उन्होंने अभी तक शेरू की कीमत नहीं लगवाई है, लेकिन यह तय है कि शेरू की कीमत करोड़ों में है। उन्होंने बताया कि पहले नंबर पर आने वाले भैंसें युवराज की कीमत सात करोड़ रुपये बताई जाती है।
अमेरिका में एक्सपोर्ट किए जा रहे शेरू के सीमन से वहां की भैंसों से जो बच्चे पैदा हुए हैं, उनकी कद और काठी वहां के बच्चों से अच्छी है। शेरू के सीमन से जन्म लेने वाली भैंसें दूध भी ज्यादा देती हैं। पिछले दिनों अमेरिका के पशु विशेषज्ञों की टीम ने बोहर गांव का दौरा किया था। उन्होंने शेरू पर रिसर्च करने की इच्छा जताई है।
शेरू की खासियत
आयु : 5 साल
कद : 5 फुट सात इंच
वजन : 15 कुंतल
खुराक : रोज 10 लीटर दूध, फूड सप्लीमेंट, दस किलो दाना, 30 से 35 किलो ग्राम हरा-सूखा चारा।
खाने-पीने का खर्च : 1000 रुपये प्रतिदिन
यह भी है खास
- 20 से ज्यादा सौंदर्य प्रतियोगिताओं में चार लाख रुपये तक के इनाम जीते।
- 26 जनवरी की परेड में भी दे चुका है सलामी।
- नेता शरद पवार के फार्म हाउस में है शेरू का पिता