आईएएस बनने का सपना देखा है तो यूपीएससी पास करने वाले युवाओं से टिप्स लीजिए। 12 क्लिक करके यहां जानिए उन्होंने कैसे तैयारी की, फॉर्मूले बड़े काम आएंगे।
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सांकेतिक तस्वीर
यूपीएससी 2019 के प्रथम टॉपर प्रदीप सिंह दो बार प्री में असफल हुए। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। प्रदीप सिंह का टॉप करने का फॉर्मूला साप्ताहिक पाठ्यक्रम है। पढ़ाई को घंटे में मत तौलों। एक सप्ताह में कितना पढ़ना है यह जरूर तय कर लें। केवल तय ही न कर लें, बल्कि उसे पूरा भी करें। हर दिन कोई तय घंटे पढ़ाई नहीं कर सकता। इसलिए साप्ताहिक पाठ्यक्रम तय करके चलें। प्रदीप ने साप्ताहिक तय पाठ्यक्रम का शेड्यूल अपने जीवन में 12वीं से ही अपनाया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
एक फॉर्मूला टाइम मैनेजमेंट है। जब आप टाइम मैनेजमेंट से पढ़ाई करेंगे तो तय साप्ताहिक पाठ्यक्रम को जरूर पूरा कर सकते हैं। अगर आपने साप्ताहिक शेड्यूल बना लिया है तो किसी दिन कम पढ़ाई कर सकते हैं और किसी दिन ज्यादा। सबसे खास बात यह है कि पढ़ाई कर रहे हो तो उसी पर ध्यान दें। परिणाम की चिंता न करें। परिणाम की चिंता करने से टॉपर तो दूर की बात है, सफलता मिलने में भी मुश्किलें होंगी।
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यूपीएससी 2019 क्लीयर करके 127वीं रैंक हासिल करने वाले राघव जैन रैंक हासिल करने का श्रेय अपने मन की इच्छा और स्मार्ट वर्क को देते हैं। राघव कहते हैं कि मेहनत के दम पर हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। वह हर दिन आठ से दस घंटे पढ़ाई करते हैं। परीक्षा के दिनों में 12 घंटे पढ़ाई की है। सिविल सर्विसेज के लिए कोई भी पूरी तैयार नहीं कर पाता, इसलिए योजना के साथ पढ़ाई करनी होती है।
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यूपीएससी 2019 क्लीयर करके 28वीं रैंक हासिल करने वाली चंद्रज्योति बताती हैं कि उन्होंने ग्रेजुएशन करने के बाद सिविल सर्विसेज के लिए तैयारी शुरू कर दी थी। आईएएस बनने सपना है तो अखबार पढ़ने की आदत डालें। सेल्फ स्टडी करें। करंट अफेयर्स पर ज्यादा फोकस और रिवीजन करें। बेसिक्स के लिए एनसीईआरटी की किताबें पढ़ें। सभी विषयों के लिए चुनी हुई किताबें पढ़ें। प्रिलिम्स के लिए मॉक टेस्ट पर ज्यादा फोकस करें। राइटिंग पर ज्यादा फोकस करें।
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यूपीएससी 2019 क्लीयर करके 288वां रैंक हासिल करने वाले अभिषेक ने कोई कोचिंग नहीं ली। खुद तैयारी की और ऑनलाइन पढ़ा। अभिषेक बताते हैं कि सामान्य ज्ञान की तैयारी पर खास ध्यान देना चाहिए। भूगोल और इतिहास जैसे विषय बेहद प्रमुख हैं। परीक्षा के समय 10 से 11 घंटे तक पढ़ाई कर सकते हैं। तैयारी बिल्कुल नियमित होनी चाहिए। संशय हो तो ऑनलाइन दूर कर सकते हैं। हर विषय को नियमित और एकाग्र होकर पढ़ें।
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यूपीएससी 2019 क्लीयर करके 174वीं रैंक हासिल करने वाले अपराजित ने एक साल घर पर रहकर ही तैयारी की। इस दौरान उन्होंने ऑनलाइन कोचिंग ली। वह प्रतिदिन सात-आठ घंटे पढ़ते थे। अगर किसी दिन पांच घंटे पढ़ाई करते तो अगले दिन दो से तीन घंटे और पढ़ते थे। एक साल तक सोशल मीडिया से पूरी तरह से दूर रहे। दिमाग को आराम देने के लिए फिल्म देखते थे या फिर घर वालों से बातचीत करते थे।
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सफलता तभी कदम चूमती है, जब आपमें कुछ कर गुजरने का जज्बा हो। दिल में धैर्य हो और फितरत मेहनती। सफल होने के लिए कोई शॉर्ट कट नहीं होता। ऐसा भी समय आता है जब प्रयास सफल न होने पर उम्मीद टूटने लगती है, मन मायूस हो जाता है, लेकिन तमाम हालातों से लड़ने वाला ही विजेता बनता है। यह संदेश उन युवाओं के लिए था, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और विफलता मिलने पर हार मानकर बैठ जाते हैं।
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यूपीएससी क्लीयर करके अफसर बनने वाले युवाओं ने टिप्स दिए कि परीक्षा कोई भी हो, उसके लिए प्लानिंग परफेक्ट होनी चाहिए। परीक्षा की तैयारी में हौसला नहीं छोड़ना चाहिए। अगर कभी ऐसा लगे या खुद में डिमोटिवेशन आए तो उन लोगों को देखें, जो आपके साथ पढ़ रहे हैं। कभी भी जब ऐसी भावना आई तो ऐसा ही किया। इसके अलावा सिविल सर्विस के टॉपर्स की कहानियां उत्साह बढ़ाती हैं।
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टॉपर के मुताबिक, सिविल सर्विस परीक्षा और उसकी तैयारी एक समुद्र की तरह है, जिसमें से आपको खजाना तलाशना है। इस परीक्षा की तैयारी के लिए जितना जरूरी है कि क्या पढ़ना है? उससे ज्यादा जरूरी यह तय करना है कि क्या नहीं पढ़ना है? परीक्षा के सभी स्तर पर कोचिंग की जरूरत नहीं है। अखबार पढ़ना, वाद-विवाद करना और जो पढ़ा उसे रिकॉल करना बेहद जरूरी है। प्रतियोगी परीक्षाओं की टेस्ट सीरीज काफी मददगार साबित होती है।
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प्लानिंग सबसे महत्वपूर्ण है। योजना बनाकर पढ़ने से उलझते नहीं है।
यह ऐसी परीक्षा है, जो धैर्य रखकर ही पास की जा सकती है। एक हार के बाद धैर्य नहीं छोड़ना।
सिविल सर्विस की परीक्षा को पास करने में ग्रुप स्टडी बहुत काम आती है। लाइब्रेरी में जाकर साथी मिल जाते हैं।
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जो एक बार पढ़ लिया, उसे यह समझ लें कि सब कुछ समझ आ गया। रिविजन करने से कुछ प्वाइंट्स सामने आते हैं।
आप सब कुछ हर किताब से नहीं पढ़ सकते। एक सूची बनाएं कि आपको पढ़ना क्या है।
सिविल सर्विस परीक्षा के पुराने पेपर काफी काम आते हैं। इससे यह पता चल जाता है कि किस प्रकार के प्रश्न आते हैं।