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पंजाब : आसान नहीं होगा एंबुलेंस को यूपी वापस लाना, मुख्तार अंसारी मामले की तरह पुलिस को पड़ेगा कोर्ट जाना

Tue, 06 Apr 2021 02:10 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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इसी एंबुलेंस में हुई थी मुख्तार अंसारी की पेशी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाहुबली मुख्तार अंसारी की भले ही उत्तर प्रदेश वापसी होने वाली है लेकिन रोपड़ में लावारिस मिली एंबुलेंस की वापसी आसान नहीं दिख रही है। उत्तर प्रदेश पुलिस को इस एंबुलेंस को वापस लाने के लिए भी मुख्तार मामले की तरह कोर्ट में पैरवी करनी पड़ेगी। क्योंकि पंजाब की रोपड़ पुलिस ने लावारिस मिली इस एंबुलेंस को केस प्रॉपर्टी बना दिया है। बता दें कि मुख्तार अंसारी की वापस लाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट तक पैरवी की थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही बाहुबली को रोपड़ की जेल से बांदा भेजा जा रहा है। 
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मुख्तार अंसारी। - फोटो : अमर उजाला
ढाबे के पास लावारिस मिली थी एंबुलेंस
मोहाली अदालत में मुख्तार अंसारी की पेशी के दौरान इस्तेमाल की गई एंबुलेंस को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस बेहद गंभीर दिख रही है। बाराबंकी नंबर की यह यह एंबुलेंस रविवार देर रात रोपड़-मनाली राष्ट्रीय मार्ग पर नानक ढाबे के पास लावारिस हालत में खड़ी मिली थी। थाना सदर पुलिस स्टेशन में लावारिस वाहन मिलने का मामला दर्ज किया गया था।
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मुख्तार अंसारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जानकारी के अनुसार यह एंबुलेंस पूरी तरह लॉक थी। यूपी पुलिस ने इसे खोलकर इंजन और चेचिस नंबर चेक किया। वहीं एंबुलेंस की सीटों को भी खोलकर तलाशी ली गई। एंबुलेंस के इंजन और चेचिस नंबर से छेड़छाड़ की बात सामने आ रही है। एंबुलेंस की जांच कर रहे यूपी पुलिस के अधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि एंबुलेंस के संबंध में यूपी में जाली दस्तावेज पर रजिस्ट्रेशन करवाने का मामला दर्ज किया गया है लेकिन अब यह एंबुलेंस रोपड़ में भी केस प्रॉपर्टी बन गई है। वे अदालती प्रक्रिया के जरिए इसे यूपी ले जाएंगे। इस संबंध में सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं। अदालत की अनुमति मिलने के बाद ही इसे यूपी ले जाया जा सकता है।
 

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मुख्तार अंसारी। - फोटो : फाइल
अंसारी को निजी एंबुलेंस के उपयोग की केंद्रीय एजेंसी से हो जांच : शिअद
उधर, शिरोमणि अकाली दल ने मुख्तार अंसारी को दी गई राजनीतिक शरण, अदालत में लाने के लिए एक निजी एंबुलेंस के उपयोग सहित अन्य सुविधाओं के बारे में उच्चस्तरीय स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। सोमवार को यहां एक प्रेस बयान जारी करते हुए शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि अंसारी को पहले दो साल के लिए रोपड़ जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया। 
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मुख्तार अंसारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पंजाब सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर अदालत में उसका बचाव भी किया। यह भी सामने आया है कि पंजाब पुलिस ने अंसारी को सभी मानदंडों का उल्लंघन करते हुए रोपड़ जेल से मोहाली की अदालत में उसे लाने के लिए एक विशेष एंबुलेंस की अनुमति दी। यह एंबुलेंस अब रोपड़ के नजदीक लावारिस पाई गई है। यह सब उत्तर प्रदेश पुलिस के दावों को बल देता है कि पंजाब सरकार की अंसारी के साथ मिलीभगत है। 
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