फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाबा रामदेव के गुरु आचार्य बलदेव कृष्ण की अनदेखी तस्वीरें देखिए

Fri, 29 Jan 2016 01:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
विज्ञापन
1 of 10
योगगुरु बाबा रामदेव के गुरु और आर्य समाज के पुरोधा आचार्य बलदेव नहीं रहे। वे अपने गांव के पहले ग्रेजुएट थे और पिता के नाम की जगह गुरू का नाम लिखा करते थे। देखिए उनकी अनदेखी तस्वीरें।
विज्ञापन

बाबा रामदेव के गुरु आचार्य बलदेव कृष्‍ण की अनदेखी तस्वीरें देखिए

2 of 10
82 वर्षीय आचार्य बलदेव ने रोहतक पीजीआई ने अंतिम सांस ली। सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा नई दिल्ली के प्रधान आचार्य बलदेव सालभर से बीमार चल रहे थे। उनका इलाज रोहतक पीजीआई में चल रहा था। बुधवार की सुबह वे मठ परिसर में ही सैर कर रहे थे कि ठोकर लगकर गिर पड़े। नाक और मुंह में चोट लगने के कारण उन्हें पीजीआई में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।
विज्ञापन

बाबा रामदेव के गुरु आचार्य बलदेव कृष्‍ण की अनदेखी तस्वीरें देखिए

3 of 10
25 अक्तूबर 1932 को सोनीपत जिले के सरगथल गांव में जन्मे आचार्य बलदेव प्रदेश आर्य समाज में स्वामी ओमानंद के उत्तराधिकारी बने। जाट कॉलेज से एमएससी करने के बाद उन्होंने स्वामी ओमानंद सरस्वती के सानिध्य में गुरुकुल झज्जर और गुरुकुल कालवा में काम किया। वे व्याकरणाचार्य, निरुक्ताचार्य, उपनिषद्, दर्शनाचार्य और आयुर्वेदाचार्य और वेद-वेदांग के ज्ञाता थे। 1962 में गुरुकुल झज्जर में मुख्याध्यापक का पद संभाला।

बाबा रामदेव के गुरु आचार्य बलदेव कृष्‍ण की अनदेखी तस्वीरें देखिए

4 of 10
देश भर के आर्य समाज में उनका सर्वोच्च स्थान है। आचार्य ने बिजली निगम की सरकारी नौकरी छोड़कर आर्य समाज को नई दिशा प्रदान की। रोहतक के करौंथा में चर्चित रामपाल के खिलाफ हुए आंदोलन के वे सूत्रधार रहे और करौंथा आश्रम को खाली कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। 2012 से वे सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा नई दिल्ली के प्रधान पद पर थे और आर्य प्रतिनिधि सभा हरयाणा, दयानंद मठ, रोहतक में रह रहे थे।
विज्ञापन

बाबा रामदेव के गुरु आचार्य बलदेव कृष्‍ण की अनदेखी तस्वीरें देखिए

5 of 10
आर्य प्रतिनिधि सभा, हरियाणा के सभा मंत्री मास्टर रामपाल आर्य ने बताया कि गुरुकुल झज्जर में कशिका और महाभाष्य की पढ़ाई के दौरान उन्होंने कई विद्वान तैयार किए। इसमें स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण हरिद्वार, आचार्य ज्ञानेश्वर, आचार्य आर्यनरेश, आचार्य अखिलेश्वर, स्वामी विवेकानंद प्रभात आश्रम टीकरी, डॉ. रघुवीर वेदालंकार, आचार्य दयानंद कितलाना, स्वामी दिव्यानंद हरिद्वार, स्वामी चंद्रवेश टिटौली, स्वामी प्रणवानंद दिल्ली, डॉ. योगानंद शास्त्री दिल्ली, डॉ. सुरेंद्र कुमार कुलपति गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय हरिद्वार, डॉ. धर्मवीर अजमेर, विरजानंद  दैवकरणि, आचार्य विश्वपाल दाधिया, डॉ. यज्ञवीर, स्वामी रामवेश जींद और डॉ. आनंद कुमार गृह मंत्रालय दिल्ली शामिल हैं।
विज्ञापन

बाबा रामदेव के गुरु आचार्य बलदेव कृष्‍ण की अनदेखी तस्वीरें देखिए

6 of 10
आचार्य बलदेव के भतीजे वेदपाल बताते हैं कि उन्होंने युवावस्था से ही समाज सुधार का रास्ता अपना लिया था। आचार्य गांव के पहले ग्रेजुएट थे। उन्होंने वर्ष 1959 में मोह-माया त्यागकर घर छोड़ दिया और फिर कभी गांव की सीमा में नहीं गए। वे अपने पिता गुगन सिंह और छोटे भाई रामसिंह के निधन पर भी गांव नहीं गए। एक दिन तो सभी को ईश्वर के पास जाना है, यह कहते हुए उन्होंने अंतिम संस्कार में जाने से मना कर दिया।
विज्ञापन

बाबा रामदेव के गुरु आचार्य बलदेव कृष्‍ण की अनदेखी तस्वीरें देखिए

7 of 10
पूर्व प्रोफेसर ओमकुमार बताते हैं कि आचार्य बलदेव अपने पिता के नाम की जगह अपने गुरु का नाम लिखा करते थे। करौंथा कांड के एक मामले में एक वकील ने आचार्य से उनके पिता का नाम पूछा। इस पर उन्होंने कहा कि मैं सभी के लिए समान हूं। अगर पिता का नाम लिखना ही है तो मेरे गुरु आचार्य भगवान देव का नाम लिख सकते हो। इसके बाद उनके पिता के नाम के स्थान पर गुरु का नाम ही लिखा गया।

बाबा रामदेव के गुरु आचार्य बलदेव कृष्‍ण की अनदेखी तस्वीरें देखिए

8 of 10
आचार्य बलदेव इन पुरस्कारों से सम्मानित हुए
- वेदमार्तंड पुरस्कार (माता कमला आर्या स्मारक ट्रस्ट दिल्ली)
- आर्यरत्न शिक्षा पुरस्कार (राव हरिश्चंद्र आर्य, चैरिटेबल ट्रस्ट नागपुर)
- गौसंवर्धन पुरस्कार (राव हरिश्चंद्र आर्य, चैरिटेबल ट्रस्ट नागपुर)
- पंडित लेखराम पुरस्कार (आर्य समाज हिंडौन सिटी राजस्थान)
- पशु-प्रेम पुरस्कार (पीपुल्स फॉर एनीमल्स दिल्ली)
- पंडित युधिष्ठिर मीमांसक पुरस्कार (आर्य समाज सांताक्रुज मुंबई)

बाबा रामदेव के गुरु आचार्य बलदेव कृष्‍ण की अनदेखी तस्वीरें देखिए

9 of 10
आचार्य बलदेव की लेखन और संपादन में खास रुचि थी। उन्होंने अष्टाध्यायी प्रवेश, संस्कृत वाक्य प्रबोध, महाभाष्य प्रथम आरहृ्क भाष्य और अंग्रेजी वाक्य प्रबोध लिखी। वैदिक मूल्यों पर व्याख्यान, समाचार-पत्रों एवं पत्रिकाओं के लिए लेख, युवाओं को नैतिक एवं सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना, गौनस्ल सुधार व गौरक्षा के लिए सम्मेलन व शिविर लगवाना आदि कार्यों में उनकी खास रुचि थी।
विज्ञापन

बाबा रामदेव के गुरु आचार्य बलदेव कृष्‍ण की अनदेखी तस्वीरें देखिए

10 of 10
आचार्य बलदेव के प्रति लोगों में इतना सम्मान था कि उनकी एक आवाज पर हजारों लोग जुट जाते थे। इसका उदाहरण करौंथा में रामपाल की ‘सत्यार्थ प्रकाश’ पर कथित टिप्पणी के दौरान देखने को मिला था। इस टिप्पणी के बाद आचार्य बलदेव के नेतृत्व में लोगों ने खुलकर विरोध जताया। आर्य समाज के लोगों ने बताया कि जब तक यह विवाद चला आचार्य बलदेव रात-रात भर जागते थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें