प्यार सिर्फ इंसान ही नहीं करते, जानवर भी इसकी भाषा समझते हैं। यकीं न हो तो देखिए शेरों और शेरनी की ये अनोखी लव स्टोरी, जिसमें एक हसीना और दो दीवाने हैं।
विज्ञापन
2 of 5
छत्तबीर जू में शेर
दीवानगी ऐसी कि तीनों कभी लंबी छलांग लगाते हैं तो कभी पलक झपकते पेड़ पर चढ़ जाते हैं। पिंजरे के बाहर निकली जालियां उनकी असीम ताकत का गुमान करवाती हैं। हम आपको सुना रहे हैं, छतबीड़ जू के अमन, चिराग और दीया की प्रेम कहानी। दस्तक देती सर्दी की खिली-खिली धूप में अमन अपने प्यार के दिखने की राह देखता रहा, लेकिन दीया अपने बेड़े से बाहर नहीं निकली। निकलती भी कैसे, उसे जू कर्मियों ने नजरबंद जो कर दिया था।
विज्ञापन
3 of 5
छत्तबीर जू में शेर
ऐसे में एक ओर जहां वाइल्ड लाइफ वीक के पहले दिन सैकड़ों पर्यटक अमन के एक पोज के इंतजार में निराश दिखे, वहीं दिया के बेड़े की ओर अमन अपना चेहरा करके बैठ गया कि कहीं से उसे दीया की एक झलक देखने को मिल जाए। अमन कभी दीया को देखने के लिए पेड़ों से छलांग लगाता तो कभी गुर्राकर उसे बुलाता। वाइल्ड लाइफ वीक के पहले दिन छतबीड़ जू में कई स्कूलों के बच्चों को सैर करवाई गई। इस दौरान पर्यटकों को टाइगर्स के प्रति जागरूक किया गया।
4 of 5
छत्तबीर जू में शेर
जिसे कभी देखना पसंद नहीं था, अमन उस दीया से प्यार कर बैठा
दीया और अमन को अपने प्यार का इजहार करने में डेढ़ साल लग गए। कभी अमन दीया को देखकर गुर्राता था, लेकिन आज उसी से प्यार करता है। जू कीपर सोनू ने बताया कि अमन को कानपुर जू से लाया गया था। उसके बाद दीया और अमन की मिक्सिंग कराने में डेढ़ साल लग गए। जब दोनों की आपस में नहीं बनी तो पहले एक दूसरे को आमने सामने बैठाया गया। पहले दोनों ने एक दूसरे को खूब हड़काया। फिर नजरों से दोनों ने अपने प्यार का इजहार किया।
दीया के बेड़े में चिराग को देख भड़क जाता है अमन
बेड़े में दीया अमन को नहीं दिखी, लेकिन दीया के बेड़े में चिराग को रखा गया था। जिसे देखकर अमन पूरे दिन गुस्से में रहा। जू कीपर की मानें तो दीया के बेड़े में किसी भी दूसरे टाइगर को अमन देखना नहीं चाहता। नर अमन (रॉयल बंगाल टाइगर) की उम्र 6 साल है। इसे कानपुर के चिड़ियाघर से 2016 में लाया गया था। 2012 में इसका जन्म हुआ था। मादा व्हाइट टाइगर दीया पांच साल की है। 2013 में उसका जन्म हुआ था।