देखिए इस महिला के लॉकर से ऐसी-ऐसी चीजें निकली कि देखने वालों के होश उड़ गए। बैंक वालों को भी समझ नहीं आया कि ये सब क्या निकल रहा है।
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नशा तस्कर
दरअसल, पिछले साल दिसंबर के महीने में पकड़ी गई नशा तस्कर महिला स्वीटी के अंबाला स्थित बैंक लॉकर खुलवाने में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) आखिर कामयाब हो गई। लॉकर से एसटीएफ को 116.17 ग्राम अफीम, एक लाख 91 हजार 331 रुपये ड्रग मनी व 707 ग्राम सोने के गहने (कीमत 21 लाख) बरामद हुए हैं। इसके अलावा 12 जगहों पर ड्रग मनी से बनाई संपत्ति के कागजात भी मिले हैं।
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नशा तस्कर
यह सारी रिहायशी प्रॉपर्टी है और अंबाला के प्राइम लोकेशन में हैं। इनकी रजिस्ट्री व अन्य दस्तावेज एसटीएफ ने अपने कब्जे में ले लिए हैं। इसे भी आगे चलकर जब्त किया जाएगा। यह पहला मौका है, जब एसटीएफ ने किसी आरोपी के बैंक लॉकर खुलवाकर बरामदगी की है। यह खुलासा शुक्रवार को फेज-चार स्थित एसटीएफ के थाने में एसपी राजिंदर सिंह सोहल ने प्रेस कांफ्रेंस में किया। उन्होंने कहा कि एसटीएफ के इंस्पेक्टर आरडी शर्मा व उनकी टीम की मेहनत से यह संभव हो पाया है।
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नशा तस्कर
ऐसे हुआ था इस गिरोह का खुलासा
छह दिसंबर 2017 को यह मामला सामने आया था, जब एसटीएफ ने स्वीटी, गुरप्रीत सिंह, राकेश कुमार, बदलेव सिंह, मनोज कुमार उर्फ मामू व सिमरन कौर उर्फ इंदू को गिरफ्तार किया था। ये आरोपी अंबाला और पंजाब के रहने वाले थे। स्वीटी ने पूछताछ में बताया था कि उसका पति बलदेव सिंह अफीम का धंधा करता था। उसकी कमाई से ही प्रॉपर्टी खरीदी है। उसके पास बैंक लॉकर भी है। इसके बाद एसटीएफ ने इसका पता लगाने की कार्रवाई की थी।
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bank locker
अदालत की परमिशन के बाद खोले लॉकर
एसटीएफ ने अदालत में याचिका लगाई कि आरोपी महिला स्वीटी से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। उसे अंबाला स्थित एसबीआई बैंक ब्रांच एसए जैन कॉलेज अंबाला में आरोपी महिला का लॉकर खोलना है। इस कार्रवाई में कुछ समय लग गया। बाद में आरोपी स्वीटी को नाभा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया। जब आरोपी महिला का बैंक लाकर खोला गया, तो उक्त सामान बरामद हुआ है।
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drugs
पति जेल से ही चलाता था कारोबार
महिला का पति बलदेव नशा तस्करी के मामले में पहले ही पटियाला जेल में बंद था। जेल में मुक्तसर निवासी मनोज कुमार उर्फ मामू नशा तस्कर भी बंद था। वहीं पर दोनों की मुलाकात हुई। यहीं से इन लोगों ने कारोबार शुरू कर दिया। स्वीटी हेरोइन की सप्लाई चंडीगढ़, पंजाब व हरियाणा में करती थी। महिला होने के चलते उस पर कोई संदेह नहीं करता था।
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smack drugs
स्वीटी दिल्ली से लेकर आई थी हेरोइन
एसटीएफ ने बताया कि स्वीटी की भूमिका काफी अहम थी। पति व अन्य आरोपी जब जेल में थे, उस समय स्वीटी ही सारा नेटवर्क चला रहा थी। वह अकेले ही दिल्ली जाती थी और हेरोइन खरीदकर लाती थी। इसके बाद वह सप्लाई पर निकलती थी। एसपी ने बताया कि आरोपी पर पहले से ही पुलिस की नजर थी। एक बार उसे दबोचा भी गया था, लेकिन उसके पास कुछ नहीं मिला। इसके बाद दिसंबर में उसे दबोच लिया था। इस केस में एक नाईजीरियन भी दबोचा गया था।
मामू पचास हजार में मुहैया करवाता था सिम
मामू समेत सभी आरोपियों को एसटीएफ पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर लाई थी। इसमें पता चला था कि आरोपी मामू पचास हजार में जेल के अंदर ही सिम व अन्य सामान उपलब्ध करवाता था। उसे पहले जगराओ की पुलिस ने दबोचा था। इसके बाद उसे रोपड़ जेल में शिफ्ट कर दिया था। एसटीएफ की पूछताछ में सामने आया है कि स्वीटी पर अंबाला में करीब चार केस दर्ज हैं, जबकि एक केस उस पर मोहाली एसटीएफ ने दर्ज किया है।