इस बार मकर संक्रांति पर 6 साल बाद दो शुभ संयोग बन रहे हैं। रविवार का दिन है तो अगर आप ये काम करेंगे तो सभी बिगड़े काम बन जाएंगे।
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सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के प्रमुख पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्र के अनुसार, 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व 6 साल बाद रविवार को आ रहा है। इस दिन सर्वार्थसिद्धि एवं रवि प्रदोष का योग भी बन रहा है।
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कुंडली
खास संयोगों में मकर संक्रांति पर नहान, सूर्य पूजा व दान-पुण्य का कई गुना अधिक फल मिलेगा। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. अमर डिब्बावाला के अनुसार, संक्रांति पर सर्वार्थसिद्धि योग दिनभर मान्य रहेगा।
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शनिवार मध्यरात्रि से ही यह योग शुरू हो जाएगा। यह दोपहर 01.13 बजे तक रहेगा। लेकिन सूर्योदय के समय यह योग होने से इसमें दिनभर पूजन-अर्चन एवं खरीदी भी की जा सकेगी। मकर संक्रांति का पर्व सूर्य की उपासना से जुड़ा है।
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रविवार सूर्य का दिन होने से यह दिन खास हो जाएगा। साथ में इस दिन प्रदोष होने से रवि प्रदोष का भी संयोग बनेगा। लोग इस दिन पवित्र नदी में स्नान कर ब्राह्मणों को कंबल, खिचड़ी आदि का दान करें।
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यह संक्रांति सभी वर्ग के लिए शुभकारी रहेगी। इसके पहले रविवार को मकर संक्रांति वर्ष 2012 में आई थी। लेकिन अंतर यह था कि वह 14 की बजाय 15 जनवरी को थी। आगे रविवार को संक्रांति पर्व के योग बहुत अंतराल के बाद ही बनेगा।
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एक वर्ष में सूर्य क्रम से प्रत्येक राशियों में भ्रमण करते हैं। इस तरह 12 महीने में 12 राशियों का भ्रमण होता है। राशि बदलने की प्रक्रिया को ही संक्रांति कहा जाता है। जैसे सूर्य अभी धनु राशि में है। आगे धनु से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे तो यह मकर संक्रांति कहलाएगी। यह परिवर्तन 14 जनवरी को होगा।
मकर संक्रांति से ही सूर्य दक्षिण से उत्तर दिशा में प्रवेश करते हैं तो मलमास समाप्त होकर शुभ समय की शुरुआत होगी। मकर संक्रांति से भले ही सूर्य उत्तरायण होने के साथ मांगलिक कार्यक्रम शुरू होने की परंपरा है, लेकिन इस बार शुक्र अस्त होने के कारण शादियां फरवरी में ही शुरू होगी।