कई बार थाने के चक्कर काटने के बाद भी उन्हें इंसाफ नहीं मिल रहा था। साथ ही सुसाइड नोट में उन्होंने इस बात का भी खुलासा किया है कि किराएदारों ने भी उन्हें किराया देना बंद कर दिया था, जिस कारण वह बेहद परेशान थे। उधर, पुलिस का कहना है कि उन्हें सीएफएसएल रिपोर्ट का इंतजार है। सुसाइड नोट की लिखावट संजय अरोड़ा की लिखावट से मैच हो रही है लेकिन सीएफएसएल की रिपोर्ट आने पर ही मामला साफ होगा। पुलिस ने सुसाइड नोट की पुष्टि करते हुए कहा कि आत्महत्या करने से पहले संजय ने सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें उन्होंने लिखा है कि कई लोगों ने प्रॉपर्टी बेचने के बहाने उनसे करोड़ों रुपये ठग लिए हैं। रुपये लेने के बाद न तो प्रॉपर्टी उनके नाम की और न ही उनके रुपये लौटाए। यही नहीं उन्होंने अपनी प्रॉपर्टी कई लोगों को किराए पर दी है, लेकिन किराएदारों ने किराया देना बंद कर दिया है।