सड़क हो या ट्रैक, हर जगह पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। देखने में खूबसूरत लगती, लेकिन परेशानी का सबब भी बनी हुई है।
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बर्फबारी के बाद का नजारा
- फोटो : AmarUjala
दरअसल, शिमला-कालका रेल ट्रैक ठप हो गया है। जतोग और शिमला के बीच रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से आवाजाही पूरी तरह बंद है। रेलवे के वाणिज्य निरीक्षण अमर सिंह ठाकुर ने बताया कि शिमला से सुबह साढ़े आठ और साढ़े दस बजे रवाना होने वाली गाड़ियां नहीं चल पाईं। तीन गाड़ियां तारादेवी, शोघी और कैथलीघाट में खड़ी हो गई हैं।
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बर्फबारी
अमर सिंह ठाकुर बताते हैं कि रेल मार्ग पर बर्फ की मोटी परतें पड़ने से टॉय ट्रेनों को दूसरे स्टेशनों पर रोकना पड़ गया है। ये ट्रेनें शिमला तक नहीं पहुंच पाईं हैं। एक ट्रेन को तारा देवी व अन्य स्टेशनों पर रोका गया है। ऐसे में पर्यटकों में उत्साह के साथ निराशा भी है। क्योंकि उनके रुकने का कोई इंतजाम न होने के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है।
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बर्फबारी
मिली जानकारी के मुताबिक, कालका से शिमला रेलवे मार्ग पर डेढ़ से दो फुट तक बर्फ जमी हुई है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक सिर्फ एक जनरल ट्रेन ही शिमला तक पहुंच पाई है। अगर बर्फबारी की रफ्तार में कमी आई तो उसे रविवार की सुबह शिमला से कालका के लिए वापस भेजा जाएगा।
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बर्फबारी
शनिवार को बुकिंग के बाद भी पर्यटकों को टॉय ट्रेन में सफर करने का मौका नहीं मिला। कालका से शिमला के लिए दिन में 12.10 बजे जाने वाली स्पेशल ट्रेन (संख्या-52455) ट्रैक ब्लॉक होने के कारण कालका स्टेशन से रवाना नहीं हुई। ऐसे में दिल्ली, यूपी, पंजाब व हरियाणा के जिन पर्यटकों ने बुकिंग कराई थी, उन्हें लौटना पड़ा, या अन्य विकल्प तलाशने पड़े।
कालका शिमला रेलमार्ग पर बर्फबारी के कारण डेढ़ से दो फुट बर्फ जमी हुई है। वहीं ट्रैक कई जगह बड़े पेड़ गिरे पड़े हैं। इस कारण ट्रेनों को बीच रास्ते में ही रोकना पड़ा है। सिर्फ एक जनरल डिब्बों की टॉय ट्रेन शिमला तक पहुंच पाई है। रविवार को सुबह कोशिश रहेगी की सभी ट्रेनों को चलाया जाए।
-दिनेश कुमार, डीआरएम अंबाला डिवीजन रेलवे