दरअसल केंद्रनीत मोदी सरकार से आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर रविवार को ब्राह्मण, पंजाबी, बनिया व राजपूत बिरादरी के लोगों ने हरियाणा के जींद शहर में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि देश में जातिगत आधार की बजाए आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जाए।
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मोदी से मांगें मनवाने का अनोखा तरीका चौंका देगा
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प्रदर्शनकारियों के मुताबिक अगर मई माह तक आर्थिक आधार पर आरक्षण नहीं दिया गया तो प्रधानमंत्री आवास का घेराव करने के साथ जंतर-मंतर पर आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ब्राह्मण आरक्षण संघर्ष समिति हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष हरीराम दीक्षित ने कहा कि पंजाबी, ब्राह्मण, बनिए और राजपूतों ने अपना हक पाने के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है।
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मोदी से मांगें मनवाने का अनोखा तरीका चौंका देगा
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उन्होंने कहा कि इन चार जातियों के लोग पिछले कई वर्षों से केंद्र में आर्थिक आधार पर आरक्षण पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भाजपा की नियत पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी की नियत सही होती तो बीते दस महीनों के अंतराल में ठोस कदम उठाती। मोदी सरकार की अनदेखी के चलते ही ब्राह्मण, पंजाबी, बनिया और राजपूतों ने आंदोलन करने का निर्णय लिया है।
मोदी से मांगें मनवाने का अनोखा तरीका चौंका देगा
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कौशिक खाप के उप्रपधान बलवान सिंह ने कहा कि चारों जातियों के लोगों ने 4 प्रस्ताव पारित किए। मई 2015 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर अमारण अनशन आंदोलन से पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास का घेराव किया जाएगा। आमरण अनशन पर शुरूआत में तीन लोग बैठेंगे, जो मांग पूरी न होने तक अंतिम सांसों तक डटे रहेंगे।
केंद्र सरकार का सकारात्मक रुख न मिलने पर ब्राह्मण, पंजाबी, बनिये और राजपूत समाज के लोग भाजपा का बहिष्कार करेंगे। आंदोलन के लिए ब्राह्मण, पंजाबी, बनिये और राजपूतों की अलग-अलग कमेटियां गठित की जाएगी, जो देश भर में प्रचार करेंगी।