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व्हाट्सऐप पर लिखा 'जिंदगी का आखिरी मैसेज' और 3 जिगरी दोस्त कूद गए ट्रेन के आगे, पढ़ें क्या लिखा...

Thu, 23 Aug 2018 12:41 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, फतेहाबाद/टोहाना
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तीन दोस्तों ने दी जान
फेसबुक पेज पर और व्हाट्सऐप ग्रुप में लिखा 'जिंदगी का आखिरी मैसेज' और ट्रेन के आगे कूद गए तीन दोस्त। तीनों की दर्दनाक मौत हो गई, वहीं परिवारों में कोहराम मचा है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया।
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तीन दोस्तों ने दी जान
पुलिस के मुताबिक, तीनों युवकों के सोशल मीडिया प्रोफाइल कुछ और ही इशारा कर रहे हैं। तीनों युवकों ने अपना एक फेसबुक पेज ‘यारों का यार’ और व्हाट्सएप ग्रुप ओनली स्टेटस बनाया हुआ था। आत्महत्या करने से पहले इस ग्रुप में मंगलवार रात 11 बजे तीन दोस्तों में से दो दोस्तों अशोक व नवीन ने मैसेज लिखा कि ये उनका आखिरी मैसेज है। इसके बाद दो दोस्तों के फोन बंद हो गए, जबकि तीसरे दोस्त मोनू का फोन सुबह तक बजता रहा।
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तीन दोस्तों ने दी जान
रेलवे पुलिस अब इस एंगल से भी मामले की जांच में जुट गई है कि आखिर तीनों के बीच आखिरी वक्त में क्या बात चल रही थी और घर से निकलने के बाद वो कहां-कहां गए थे। तीनों युवकों की फेसबुक प्रोफाइल इस बात की आशंका व्यक्त कर रही है कि मोनू और नवीन आत्महत्या के बारे में सोचते थे। दरअसल नवीन की फेसबुक प्रोफाइल में ऐसे कार्टून का फोटो लगा हुआ है जिसने अपनी कनपटी पर पिस्तौल तानी हुई है। वहीं मोनू ने बीते दिन ही अपनी फेसबुक कवर फोटो की जगह पर एक शायरी वाली पोस्ट अपडेट की है जिसके बोल भी कहीं ना कहीं संदिग्ध प्रतीत हो रहे हैं।

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तीन दोस्तों ने दी जान
एम. नैन नामक आईडी से मोनू ने लिखा कि ‘अगर इतनी ही नफरत है हमसे तो, दिल से दुआ करो कि तुम्हारी दुआ भी पूरी हो जाए और हमारी जिंदगी भी’। 22 अगस्त की सुबह तीनों के शव मिले और 21 अगस्त की सुबह सवा नौ बजे उसने ऐसी पोस्ट शेयर की थी। मोनू, नवीन और अशोक की आपस में काफी गहरी दोस्ती थी, ये बात उनके सोशल मीडिया अकाऊंट्स पर भी झलकती है। तीनों दोस्तों ने अपनी फेसबुक आईडी पर एक-दूसरे की फोटो तो डाल ही रखी हैं, साथ ही यारी-दोस्ती को दिखाते स्टेटस और पोस्ट्स भी डाल रखी हैं।
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तीन दोस्तों ने दी जान
एक फोटो डाला हुआ है जिसमें लिखा है कोन्या होणा कामयाब एकला, यारां गेल बर्बाद ए ठीक सैं’। इसी तरह इनकी एक और ग्रुप फोटो है जिसपर लिखा गया है कि ‘रे लाडले बदमाशी का शौक कोन्या, भाइयां खातर जान दे भी सकां तो ले भी स्कां हां’। इन पोस्ट्स को देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि आपसी दोस्ती को तीनों दोस्त बहुत मानते थे। मंगलवार सुबह जिस समय युवकों के शव सबसे पहले देखे गए, उस समय भी तीनों के हाथ एक दूसरे के गले में थे।
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तीन दोस्तों ने दी जान
नरवाना के कालवन गांव में बुर्जी नंबर 186 के पास रेलवे लाइन पर बुधवार को तीन दोस्तों मोनू (18), अशोक (30) और नवीन (19) के शव मिले। तीनों युवकों के परिजनों ने पुलिस को बयान दिए हैं। इनमें किसी प्रकार के व्हाट्सएप ग्रुप या फेसबुक की बात नहीं बताई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- बलवंत सिंह, जीआरपी थाना प्रभारी
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