उत्तर प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की चोरी के खुलासे के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। लगातार छापे पड़ रहे हैं और गड़बड़ियां भी मिल रही है। ऐसे में हम आपको बताते हैं कि कैसे इस चोरी से आप कैसे बच सकते हैं...
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देखिए पेट्रोल पंप पर कैसे होती है तेल की चोरी
डिजिटल मीटर वाले पेट्रोल पंप से लें फ्यूल
पेट्रोल हमेशा डिजिटल मीटर वाले पंप पर ही भरवाना चाहिए। इसका कारण यह है कि पुराने पेट्रोल पंप पर मशीने भी पुरानी होती है और इन मशीनों पर कम पेट्रोल भरे जाने की डर अधिक रहता है।
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पेट्रोल
- फोटो : amar ujala
कई बार पेट्रोल भरवाते समय मीटर रुक जाता है, पर उस स्थिति में आपको पेट्रोल मिल रहा होता है। लेकिन ऐसा किसी पेट्रोल पंप पर होता है तो मीटर बार-बार रुकने से आपको पेट्रोल का नुकसान होता है।
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पेट्रोल
- फोटो : amar ujala
पेट्रोल लेने से पहले मीटर पर जीरो रीडिंग के लिए आश्वस्त हो लें। मिलावट पर संदेह होने पर फिल्टर पेपर जांच की मांग करें।
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पेट्रोल
- फोटो : amar ujala
सरकारी मार्क लगा लीटर सभी पेट्रोल पंप पर मौजूद होता है, ऐसे में जरा सा भी शक होने पर उसमें तेल डलवाकर चेक कराएं।
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पेट्रोल पंप
- फोटो : SELF
फिक्स अमाउंट में खरीदने से बचें
एक्सपर्ट के अनुसार पेट्रोल पंप पर लोग आमतौर पर राउंड फिगर में यानी 100, 200, 500 या 1000 का तेल डलवाते हैं। तेल की मात्रा घटाने वाले पंप चिप को इन अमाउंट्स के साथ सेट कर देते हैं।
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पेट्रोल
- फोटो : amar ujala
फिक्स अमाउंट में खरीदने से बचें
ऐसे में मशीन को मैनुपुलेट कर 10 से 15 एमएल तेल का नुकसान होता है। वहीं, अगर आप 110, 230, 540 का तेल भराते हैं तो पेट्रोल पंप पर लगी चिप और अमाउंट मैच नहीं होता है और इससे आप ठगे जाने से बच सकते हैं।
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डेमो पिक
आपकी शिकायत पर पहुंची टीम
किसी भी पेट्रोल पंप पर तेल डलवाते समय उसकी मात्रा और गुणवत्ता पर शक होता है तो आप भी शिकायत करके चेकिंग करवा सकते हैं। इसके लिए प्रत्येक पेट्रोल पंप पर शिकायत बोर्ड लगाया जाता है, जिसमें सेल्स ऑफिसर का नंबर व शिकायत बुकलेट होती है। इसके अलावा एचपीसीएल की साइड पर ऑनलाइन भी शिकायत कर सकते हैं।
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पेट्रोल पंप
चिप से कैसे होती है धांधली
लखनऊ एसटीएफ द्वारा 23 आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ में सामने आया कि पेट्रोल पंप में इस खेल में 2 से 3 लोग शामिल रहते थे। एक पेट्रोल डालता था और दूसरा कैश बैग लेकर खड़ा रहता था। बैग लेकर खड़े रहने वाला पैसों के साथ ही रिमोट रखता था। मौका मिलते ही वह रिमोट दबाकर घटतौली कर देता था।
अखिलेश ने पैट्रोट पंप पर हुई गड़बड़ी की बात को ईवीएम से जोड़ा
इसके अलावा जैसे ही पंप के कर्मचारी रिमोट दबाते थे, पाइप से तेल गिरना बंद हो जाता था। लेकिन मशीन की स्क्रीन पर तेल और पैसे का मीटर अपनी रफ्तार से ही चलता रहता था। इस तरह से 500 रुपये के पेट्रोल में 30 रुपये की चपत लगाई जाती है।