पुरानी करंसी बंद होने के 50 दिन तक 500 और 1000 के नोट बदलने का दावा करने वाली भारतीय स्टेट बैंक की अबोहर शाखा ने रविवार को टैक्स जमा करने वाले लोगों से पुरानी करंसी लेने से मना कर दिया। सुबह 8 बजे से ही बैंक के आगे लाइनों में लगे टैक्स जमा करवाने वालों को जब यह पता चला कि बैंक पुरानी करंसी जमा नहीं कर रहा तो उनमें रोष फैल गया।
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नहीं लिया 500 का नोट
वहीं शाखा प्रबंधक का कहना था कि आरबीआई के निर्देशों पर उन्होंने यह नियम लागू किया है। टैक्स जमा करवाने के लिए सुबह से ही लाइनों में लगे रामकुमार, सोनू सहगल, ओम प्रकाश आदि ने बताया कि बैंक के आगे पुरानी करंसी न लेने संबंधी कोई बोर्ड नहीं लगाया गया। इसके अलावा कई घंटे लाइन में लगने के बाद जब उन्हें टोकन दिया गया तब भी पुराने नोट न लेने संबंधी कोई जानकारी नहीं दी गई।
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पांच सौ रुपये का नोट
बाद दोपहर नंबर आने पर उनका पुराना कैश लेने से इंकार कर दिया गया। लोगों ने बताया कि एक ओर तो सरकार दावा कर रही है कि अपना पुराना रुपया बैंकों में जमा करवाओ वहीं बिजली, टेलीफोन के बिल पेट्रोल पंप, रेलगाड़ियों की टिकटों और सरकारी अस्पतालों में पुरानी करंसी चल रही है। वहीं एसबीआई ने टैक्स के रूप में पुरानी करंसी जमा न करके व्यापारियों से धोखा किया है।
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नहीं लिया 500 का नोट
- फोटो : अमर उजाला
बैंक के मुख्य प्रबंधक आईडी धींगड़ा तथा मैनेजर गुरदीप सिंह भूटानी ने बताया कि आरबीआई के निर्देशों पर वे टैक्स के रूप में पुरानी करंसी स्वीकार नहीं कर रहे। लोगों ने इसे बैंक अधिकारियों की धक्केशाही बताया है।
इधर बैंक खुलने के चौथे दिन भी अधिकतर बैंकों के एटीएम बंद रहे जिससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। इसके अलावा जो एटीएम चल रहे थे वहां पैसे निकालने वालों की लंबी कतारें लगी थी। रविवार को सभी सरकारी विभागों में व सोमवार को बैंकों में छुट्टी का दिन होने के कारण बैंकों में भीड़ अधिक दिखाई दी।