उत्तर भारत में सब्जी उत्पादन के लिए श्रेष्ठ मानी जाने वाली मालेरकोटला सब्जी मंडी के किसान नोटबंदी को लेकर खासे परेशान हैं। होलसेल में सप्ताह भर पहले 15 से 18 रुपये प्रति किलो बिकने वाली किसानों की गोभी की फसल को व्यापारी महज 4 रुपये किलो का भाव दे रहे हैं।
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नोटबंदी का असर
- फोटो : अमर उजाला
वजह बड़ी करंसी का बंद होना है। छोटे नोट की किल्लत के चलते सोमवार को यहां की सब्जी मंडी में गोभी के अंबार देखने को मिले। सब्जी उत्पादक मोहम्मद फारूक ने बताया कि वह सुबह 6 बजे से मंडी में अपनी गोभी की फसल को लेकर आया हुआ है किंतु व्यापारी उसे पुराने 500-1000 के नोट दे रहे हैं।
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नोटबंदी का असर
इसे लेने के लिए उसने इंकार कर दिया है क्योंकि बैंकों के बाहर लंबी कतार में खड़े रहने का समय नहीं है। वह खेतों में काम करके अपनी रोजी रोटी का जुगाड़ करे या बैंक के बाहर खड़ा रहे।
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नोटबंदी का असर
मंडी में छोटे नोट देने को कोई तैयार नहीं है। अगर छोटे नोट चाहिए तो उसे गोभी 4 रुपये प्रति किलो के भाव में बेचनी पड़ रही है। इस वजह से सभी सब्जी उत्पादकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
हम कहां खर्च करें बड़े नोट : व्यापारी
जम्मू से आए सब्जी व्यापारी राकेश कुमार ने बताया कि हम क्या करें। हम बड़े नोट कहां खर्च करें। छोटे नोट की देश भर में किल्लत है इसलिए हमारी भी मजबूरी है।