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खर्राटों से परेशान हैं तो ये 10 तरीके अपनाकर पाएं छुटकारा, देखिए

Tue, 26 Dec 2017 06:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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क्या रात भर आपका पार्टनर आपकी खर्राटों की वजह से सो नहीं पाता तो इन दस तरीकों को अपनाकर इनसे छुटकारा पा सकते हैं, देखिए।
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खर्राटों से बढ़ सकती हैं ये परेशानियां
पीजीआई में ईएनटी डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संदीप बंसल कहते हैं कि खर्राटे से ज्यादा यह खतरनाक है कि सोते वक्त कितनी बार सांस रुकती है। सांस रुकने के लक्षण के चिकित्सा भाषा में आब्स्ट्रेक्टिव स्लीप अपनिया (ओएसए) कहते हैं। यदि सोते वक्त सांस रुकती है तो कई दूसरी गंभीर बीमारियां हो सकती है। इसके बारे में तभी पता चल सकता है, जब व्यक्ति की जांच की जाए।
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खर्राटे की एक वजह मोटापा है। बढ़े हुए मांस के कारण लेटते समय सांस की नली सिकुड़ जाती है। जब हवा सिकुड़ी नली से गुजरती है तो आसपास के टिश्यू कंपन पैदा करते हैं, जिससे खर्राटे आते हैं। नाक में कफ, संक्रमण, नाक की हड्डी का बढ़ना या नाक में किसी प्रकार के श्वसन मार्ग के अवरोध के कारण भी खर्राटे आते हैं। गले की तकलीफ से भी खर्राटे आ सकते हैं। कई बार गले में खराश, कफ का जम जाना, टांसिल में सूजन व संक्रमण से भी खर्राटे आते हैं।

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उम्र का बढ़ना भी एक कारण है। उम्र के साथ गले के टिश्यू कमजोर होते हैं। इससे अधिक कंपन होते और खर्राटे आने लगते हैं। कई बार सांस लेने वाली नली संकरी और कमजोर होती है। जब सांस लेते हैं तो आसपास के टिश्यू कंपन पैदा करते हैं। इससे खर्राटे आते हैं। नीचे वाले जबड़ों का छोटा होना भी एक कारण हैं, लेकिन ऐसे केस साउथ एशिया में ज्यादा पाए जाते हैं। सोने से पहले अधिक शराब पीने या नींद की दवा लेने से भी खर्राटे आने की संभावना बढ़ती है।
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धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों में खर्राटे लेने की संभावना सामान्य व्यक्तियों से ज्यादा होती है। धूम्रपान से सांस की नली में सूजन आती है इससे श्वसन मार्ग संकरा होता और खर्राटे आने लगते हैं। कई लोग पीठ के बल सोते हैं। जिससे जीभ पीछे की तरफ हो जाती है जो तालु के पीछे लटके हुए से लगती है। जिससे सांस की नली में रुकावट बनती है और खर्राटे आना चालू होते हैं।
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खर्राटों का इलाज इसके कारणों पर ही निर्भर करता है। हालांकि इसमें सर्जरी भी की जाती है और कुछ उपकरण लगाकर इलाज भी किया जा सकता है। सीपैप थैरेपी : ये एक विशेष प्रकार का उपकरण होता है, जो रात के वक्त व्यक्ति को लगाकर सोना पड़ता है। इससे सांस की नली का अवरोध रुक जाता है। इसका मूल्य 45 हजार रुपये से लेकर एक लाख तक है, लेकिन इसे हमेशा लगाना होगा।
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दांत का उपकरण : खर्राटों की समस्या कम करने के लिए दांत पर रखने के लिए एक उपकरण का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे सोते समय जबड़ा आगे की ओर आ जाता है। इससे राहत मिलती है। सर्जरी: समस्या गंभीर होने पर सर्जरी के बारे में सोचा जा सकता है। सर्जरी से पहले टेस्ट किया जाता है, जिसे ड्रग-इंडयूस्ड स्लीप एंडोस्कोपी कहते हैं। इसमें नींद की दवा दी जाती है और देखते हैं कि कहां-कहां सांस रुक रही है। उसके बाद आपरेशन किया जाता है।

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यदि खर्राटे आ रहे हैं तो सबसे पहले लाइफ स्टाइल सुधारें। समय रहते वजन कंट्रोल करें। आइडियल बीएमआई के मुताबिक वजन को मेंटेन करें। इसके लिए योग और एक्सरसाइज का सहारा ले सकते हैं। खर्राटों से बचने के लिए यदि कोई नशा करता है तो कृपया अपने स्वास्थ्य के लिए इसे छोड़ दें। गुटखा, तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट और शराब जैसे नशे से दूर रहे।

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पीठ के बल सोने के बजाए एक करवट पर सोने की आदत डाले। यदि हो सके तो सोते समय सिर के नीचे तकिया न रखे। साथ ही हमेशा समय पर सोने की आदत डाले। यदि आपका रक्तचाप हमेशा 120-80 से अधिक है तो डॉक्टर से जांच करवाकर उसे नियंत्रित करें। हमेशा संतुलित आहार लेना चाहिए। रात के समय भूख से अधिक खाना न खाएं। सोने से पहले ज्यादा कफ वाले आहार जैसे कि दूध के पदार्थ, तीखा खाना और चॉकलेट नहीं खानी चाहिए।

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हार्ट ट्रांसप्लांट
दिनभर में कम से कम तीन से चार लीटर पानी पीना चाहिए। शरीर में पानी की कमी से नाक और गले में गाढ़ा कफ तैयार होता है। इससे श्वसन मार्ग में रुकावट पैदा होती है। बार-बार कान और गले के संक्रमण से बचने के लिए अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं। एक कप गुनगुने पानी में एक चम्मच हल्दी और एक चम्मच शहद मिलाकर अच्छी तरह घोल लें। रोज रात को सोने से पहले इस पानी को पीएं।
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रोज सोने से पहले गुनगुने पानी में इलायची या इसका पाउडर मिलाकर पिएं। ऐसा रोज करने से खर्राटे की समस्या दूर होती है। रोज सोने से आधा घंटा पहले हल्दी वाला दूध पीकर सोने से खर्राटे की समस्या से आराम मिलता है। सोने से पहले पानी में पुदीने के तेल की कुछ बूंदें डालकर गरारे करें। ऐसा करने से नाक के छिद्रों की सूजन कम होती है और सांस लेने में आसानी होगी। आप चाहें तो नाक के पास पुदीने का तेल लगाकर सो भी सकते हैं।

 
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