फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आस्ट्रेलिया जाने के लिए वीजा को लेकर बदला गया बड़ा नियम, बड़े फायदे का है

Tue, 26 Dec 2017 06:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
विज्ञापन
1 of 9
इंडियन पासपोर्ट
आस्ट्रेलिया या न्यूजीलैंड जाने की सोच रहे हैं तो यह गुड न्यूज आपके लिए है। सरकार ने वीजा को लेकर एक नियम में बड़ा बदलाव किया है, देख लीजिए।
विज्ञापन

2 of 9
इंडियन पासपोर्ट
जी हां, अब आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड समेत यूरोप जाने वालों के लिए सिंगापुर का वीजा लेने के जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा अमृतसर से 8 मार्च को नई फ्लाइट उड़ान भरेगी। यह जानकारी सांसद गुरजीत सिंह औजला ने एयरपोर्ट पर हुई बैठक में विदेशी एयरलाइंस के साथ हुए समझौते के बाद कहा। अब तक अमृतसर से स्कूट हवाई सेवा कंपनी की फ्लाइट से आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड समेत यूरोप जाने वाले यात्रियों के लिए सिंगापुर का वीजा लेना लाजिमी था।
विज्ञापन

3 of 9
indian passport
दूसरी ओर, आस्ट्रेलिया में पढ़ाई करने के लिए वीजा लेना और दाखिला लेना आसान हो गया है, क्योंकि कुछ नियम बदल दिए गए हैं। आस्ट्रेलिया सरकार ने भारत को लो रिस्क कैटेगरी (कैटेगरी-2) में शामिल कर दिया है। इससे भारतीय विद्यार्थियों को काफी राहत मिलेगी। अब उनके लिए आस्ट्रेलिया की 40 यूनिवर्सिटियों में दाखिला लेना आसान हो जाएगा।

4 of 9
indian passport
भारतीय विद्यार्थियों के वीजा नियम भी सरल हो गए हैं। भारत के साथ इस श्रेणी में नेपाल और श्रीलंका भी हैं। 2008 में भारत को हाई रिस्क कैटेगरी में शामिल किया गया था। इस वजह से देश के विद्यार्थियों को कई तरह के दस्तावेजों के अलावा कड़े नियम से गुजरना पड़ता था। हालात ये थे कि भारत के विद्यार्थी सिर्फ 8-10 यूनिवर्सिटी में आसानी से दाखिला लेने के बाद वीजा ले सकते थे।
विज्ञापन

5 of 9
पासपोर्ट
इन संस्थानों में डैकेन यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी सिडनी, मेलबोर्न यूनिवर्सिटी, रायल मेलबोर्न इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मोनाश यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल भी शामिल थे। वहीं बाकी संस्थानों में वीजा लेना काफी मुश्किल था। विद्यार्थियों का हर दस्तावेज न केवल क्रास चेक होता था, बल्कि नियम काफी सख्त और कड़े थे।
विज्ञापन

6 of 9
पासपोर्ट
अगर इन यूनिवर्सिटी के अलावा भारतीय विद्यार्थी किसी अन्य संस्थान या कॉलेज में दाखिला लेते तो अधिकतर का वीजा स्वीकार नहीं किया जाता था। आस्ट्रेलिया का स्टडी वीजा हासिल करने के लिए आवेदनकर्ता को बैंक में 25 लाख जमा राशि दिखानी पड़ती थी। बैंक का पूरा ब्योरा वीजा आवेदन फाइल के साथ लगता था और दूतावास बाकायदा बैंक से क्रास चेक करता था। अब इस नियम से छुटकारा मिल गया है। वीजा अधिकारी विद्यार्थी से मौखिक पूछ सकता है।
विज्ञापन

7 of 9
पासपोर्ट
अब दस्तावेजों की जरूरत नहीं है। इसके अलावा आईलेट्स का झंझट भी कम हो गया है। अब शिक्षा संस्थान अगर इस बात से संतुष्ट हो जाता है कि आवेदनकर्ता विद्यार्थी अंग्रेजी में ठीक ठाक है तो आईलेट्स की जरूरत नहीं है, वीजा का सीधा आवेदन किया जा सकता है। वीजा अधिकारी इंटरव्यू में क्रास चेक कर सकता है कि वाकई में विद्यार्थी अंग्रेजी में माहिर है या नहीं। अपनी संतुष्टि के बाद ही वह वीजा जारी करेगा।

8 of 9
पासपोर्ट
बता दें कि हर साल भारत से 40 हजार विद्यार्थी आस्ट्रेलिया शिक्षा ग्रहण करने जाते हैं। इसमें 25 हजार पंजाबी हैं। आस्ट्रेलिया की ओर से सख्ती के बाद पंजाबी मूल के विद्यार्थियों ने कनाडा का रुख कर लिया था। बीते एक साल का ब्योरा देखकर आस्ट्रेलिया ने भारत के विद्यार्थियों को कैटेगरी टू में शामिल कर लिया है।
विज्ञापन

9 of 9
पासपोर्ट
आस्ट्रेलियन दूतावास के अधिकृत एजेंट व एसोसिएशन ऑफ ओवरसीज एजुकेशन कंसलटेंट के प्रधान सुकांत त्रिवेदी ने कहा कि यह हमारे लिए खुशी की बात है। अगर आस्ट्रेलिया सरकार ने भारत पर विश्वास किया तो इसको आगे कायम रखना हमारा फर्ज है। हमारी संस्था जागरूकता लाने का प्रयास करेगी, ताकि एजेंट नाजायज फायदा न उठाएं। साथ ही विद्यार्थियों के लिए नियम दोबारा सख्त न हो जाएं। अगर हमने हेरफेर किया तो फिर से हमें कैटेगरी थ्री में धकेला जा सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें