हरियाणा मुर्राह नस्ल के लिए जाना जाता है। इसके नाम का डंका तो देश के अन्य राज्यों में ही नहीं, बल्कि अमेरिका जैसे विकसित देशों में भी बज रहा है। रोहतक जिले के बोहर गांव के देसी शेरू के सीमन ने विदेशी भैंसों की नस्ल भी सुधार दी है। अमेरिका के पशु वैज्ञानिकों ने शेरू की सीमन से करीब मुर्राह नस्ल के 600 भैंसों की तादाद कर ली है। शेरू के बेटे बादल, राका और टाइसन ने तो बोहर के पशु पालक देवेंद्र कोच को ही मुर्राह रतन अवॉर्ड दिला दिया। वहीं मेले में आए मुर्राह भैंसे की सेहत का राज सेब, बादाम और काजू की विशेष खुराक है। हरियाणा के मुर्राह के तो विदेशी वैज्ञानिक भी कायल हैं।