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मोगा से पहले भी 'कांड' होते रहे हैं बादल की बसों में

Sat, 02 May 2015 09:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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मुख्यमंत्री बादल की कंपनी ऑर्बिट की बस में गुंडागर्दी की ये पहली वारदात नहीं है, ऐसे कांड पहले भी होते रहे हैं। ज्यादातर मामलों में पुलिस ने समझौते करवा दिए। तस्वीरों में देखिए, पिछले कांड।
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मोगा से पहले भी 'कांड' होते रहे हैं बादल की बसों में

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संसद में मामला गूंजने के बाद मुख्यमंत्री बादल ने भले ही अपने बयान में कहा हो कि ये तो किसी भी बस में हो सकता है। इस घटना से हमारा कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन ऐसे कांड ऑर्बिट की बस में पहले भी होते रहे हैं।
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2 अप्रैल 2014 को सवारियों को लेकर हुए झगड़े में पीआरटीसी ड्राइवरों ने ऑर्बिट ट्रांसपोर्ट के ड्राइवर और कंडक्टर पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। पीआरटीसी मुलाजिमों ने नारेबाजी की थी।

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करीब ढ़ाई साल पहले ऑर्बिट की बस ने पटियाला के अर्बन एस्टेट फेस एक के दो भाइयों को टक्कर मार दी थी। इसके अलावा राजपुरा रोड पर भी बस ने एक व्यक्ति को टक्कर मारी। केस दर्ज करवाने को परिवार को कई घंटे लग गए थे।

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28 अप्रैल को लुधियाना में रोडवेज बस स्टैंड के सामने ऑर्बिट बस के स्टाफ ने रोडवेज बस के मुलाजिम से मारपीट की। मामला रफा-दफा कर दिया। 20 मार्च को फोकल प्वाइंट पर बाइक सवार युवक को रांग साइड से रही बस ने टक्कर मारी।

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12 अप्रैल 2015 को धूरी के गगन (17) की ऑर्बिट बस की साइड लगने से मौके पर मौत। 27 फरवरी 2014 को बरनाला में ऑर्बिट बस ने महिला को कुचला, लोगों ने बस को आग लगा दी। 31 मार्च 2014 को तपा मंडी में स्कूटर पर जा रहे ट्रेडर को रांग साइट से आकर टक्कर मार दी थी, जिसमें उसकी मौत हो गई।

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कांग्रेस प्रवक्ता सुखपाल खैहरा का कहना है कि पंजाब में बादल परिवार का गुंडाराज है। अपनी बसों को लाभ पहुंचाने के लिए ये शुरू से ही मनमानियां करते हैं लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं करती। ऐसे में सुखबीर पर केस बनता है।
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गौरतलब है कि बीते दिन मोगा के गांव गिल के पास चलती बस में कंडक्टर और हेल्पर पहले 14 साल की बच्ची से छेड़छाड़ करते रहे। मां ने विरोध किया तो उससे भी बदसलूकी करने लगे। फिर दोनों को चलती बस से फेंक दिया। बच्ची की मौत हो गई। और मां गंभीर रूप से घायल अस्पताल में भर्ती है।

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