पिछले 10 साल से चंडीगढ़ के पांच युवा दोस्ती का हर वादा निभा रहे थे, लेकिन एक हादसे ने इस दोस्ती की मिसाल को झकझोर कर रख दिया। दो दोस्तों की हादसे में मौत हो गई। रिपोर्ट: कुलदीप शुक्ला, चंडीगढ़
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10 साल से थी 5 युवाओं की दोस्ती, एक झटके में टूट गई
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हादसा, रविवार को हुआ। हादसे में सुरिंदर और लक्की की मौत हो गई। अस्पताल पहुंचे युवकों ने रो-रोकर अपनी दोस्ती की कहानी अमर उजाला को बताई। मोहाली निवासी तेजू ने बताया कि दस साल पहले सैंडी, करन, गोल्डी, सुरिंदर और तेजू की दोस्ती हुई थी। तेजू ने बताया कि सुरिंदर से उसकी दोस्ती सेक्टर-3
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तेजू ने बताया कि पांचों दोस्त एक दूसरे के लिए हमेशा खड़े रहते थे। इनकी समय समय पर प्लानिंग बनाकर पार्टी भी होती थी। पार्टी के दौरान किशोर कुमार का गाना...‘यह दोस्ती हम नही तोड़ेंगे’ लगातार तीन बार जरूर बजाया जाता था। रोते हुए तेजू ने कहा कि -हमने कभी सोचा नहीं था कि हमारी दोस्ती का सिलसिला इस तरह टूटेगा। उसने कहा -‘जब भी दोस्तों के बीच लड़ाई होती थी तो हमेशा सुरिंदर ही आगे बढ़कर समझाता था।’
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मौत की खबर सुन चाय वाला भी पहुंचा: सेक्टर-45 निवासी हरमीत चाय की दुकान चलाता है। उसकी दुकान पर सुरिंदर का अड्डा था। सुरिंदर की मौत की खबर सुनकर वह अपनी दुकान बंद करके अस्पताल पहुंचा था। उसने बताया कि सुरिंदर के व्यवहार से उससे सभी प्यार करते थे। वह अच्छा इंसान होने के साथ एक अच्छा सलाहकार भी था। उसकी मौत की खबर सुनकर सब छोड़कर अस्पताल पहुंच गया।
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लक्की के पिता दो बार हुए बेहोश: सुरिंदर परिवार में सबसे बड़ा लड़का था। हादसे बड़े की मौत का सदमा बर्दाश्त करना पिता के लिए बहुत भारी था। इसका दौरान उनके कांपते होंठ किसी सवाल का जवाब देना नहीं चाहते थे। वह मोर्चरी के एक कोने में कांपते हाथों में मोबाइल लेकर आंखों में आंसू भरे बैठे थे। इस दौरान दूसरे मृतक लक्की के पिता दो बार बेहोश भी हुए। गौर हो कि रविवार को चंडीगढ़ में हुए हादसे में लक्की और सुरिंदर की मौत हो गई थी।