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जेब में रखा 10 रुपये का सिक्का नकली हो सकता है, ऐसे पहचानें असली

Tue, 01 Nov 2016 09:22 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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दस रुपये के सिक्के की पहचान
आपकी जेब में रखा 10 रुपये का सिक्का नकली हो सकता है। ऐसे में आप असली सिक्के की पहचान कैसे कर सकते हैं? जानिए यहां।
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दस रुपये का सिक्का
ऐसे करें नकली-असली की पहचान: असली दस रुपए का सिक्का डबल डाई से तैयार किया जाता है। नकली सिक्के में भी डबल डाई का प्रयोग किया गया है, लेकिन ध्यान से देखने पर इन्हें पहचाना जा सकता है। असली सिक्कों में पीले भाग का रंग हलका हैं, जबकि नकली में पीला भाग ब्राइट है।
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दस रुपये के सिक्के की पहचान - फोटो : getty image
असली सिक्के में 10 का अंक दो धातुओं के बीच में होता है और 10 पट्टी बनी होती हैं। नकली में 10 का अंक सिल्वर धातु के बीच में होता है और 15 पट्टी होती हैं। असली सिक्के में भारत और इंडिया अलग-अलग लिखा होता है। नकली सिक्के में भारत और इंडिया एक साथ लिखा होता है।

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दस रुपये के सिक्के की पहचान - फोटो : getty image
असली सिक्का शार्प है, जबकि नकली सिक्का थोड़ा खुरदरा है और साइज में भी फर्क है। नकली सिक्के छोटे हैं और इनका वजन भी कम है। खास बात यह है कि नकली सिक्के का पीला भाग जोर देने पर निकल सकता है। जबकि असली में ऐसा नहीं है।
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दस रुपये के सिक्के की पहचान - फोटो : getty image
हाल ही में दिल्ली, हरियाणा और बिहार में नकली सिक्कों की चार फैक्ट्रियां पकड़ी गईं। खुलासा हुआ कि बड़े पैमानों पर सिक्कों का गोरखधंधा हो रहा है। फिर नकली सिक्कों की वजह से लोगों ने 10 के सिक्कों का लेन-देन बंद कर दिया।
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दस रुपये के सिक्के की पहचान - फोटो : getty image
हालांकि यह आरबीआई के नियमों के मुताबिक़ गलत है। आरबीआई द्वारा 10 रुपए के सिक्के पूरी तरह चलन में हैं। अगर कोई इसे लेने से मना करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। 10 रुपए का सिक्का पूरी तरह से वैध है, लोग लेनदेन में इसका खुलकर इस्तेमाल करें।
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दस रुपये के सिक्के की पहचान - फोटो : getty image
वहीं, यदि कोई व्यक्ति या दुकानदार दस रुपये का सिक्का लेने से मना करता है, तो उसके खिलाफ धारा 489(ए), 489(ई) और आईपीसी की धारा 121 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। असली सिक्का लेने से मना करना कानूनन गलत और भारतीय मुद्रा का अपमान है।

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दस रुपये का सिक्का
बैंक अधिकारियों के मुताबिक, असली नोट या सिक्का लेने से इंकार करने वाले लोगों को जेल तक हो सकती है। एफआईआर दर्ज होने पर पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ चालान करके न्यायालय से सजा दिला सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक ने दस रुपये का सिक्का चलन से बाहर नहीं किया है।

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दस रुपए के दो सिक्के
यह है सजा का प्रावधान: नोट या सिक्के का जाली मुद्रण, जाली नोट या सिक्के चलाना और सही सिक्कों को लेने से मना करना भारतीय दंड संहिता की धारा 489ए से 489इ के तहत अपराध है। इन धाराओं के तहत किसी विधिक न्यायालय द्वारा आर्थिक दंड, कारावास अथवा दोनों की सजा दी जा सकती है।
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10 के सिक्के
उदाहरणार्थ, रोहतक में 10 रुपए के सिक्के लेने से मना करना स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की एक शाखा के कैशियर के लिए मुसीबत बन गया था। मामला 3 अकतूबर का था और अनीता नाम की महिला ने आरबीआई को इसकी शिकायत दे दी थी। उसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई।
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