प्रदर्शन करते छात्र।
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पहली प्रेसवार्ता: गर्मी के चलते छात्राएं हुईं बेहोश, किसी ने आत्महत्या नहीं की
पूरे प्रकरण में महिला आयोग की चेयरपर्सन मनीषा गुलाटी सबसे पहले चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी पहुंचीं। उन्होंने कहा कि लड़कियों के आत्महत्या करने की बात बिल्कुल गलत है। विद्यार्थी प्रदर्शन कर रहे थे तो गर्मी बहुत ज्यादा थी। बच्चे घबरा गए थे। ऐसे में एक-दो छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई, ऐसे में एंबुलेंस को बुलाने की नौबत आई। उन्होंने कहा कि लड़की ने सिर्फ अपने वीडियो बॉयफ्रेंड को भेजे थे जबकि चैटिंग और वीडियो में सामने आया है कि आरोपी लड़की ने हॉस्टल की कुछ छात्राओं की भी फोटो खींची थी और वीडियो बनाए थे। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना जांच के अधिकारी अन्य छात्राओं के फोटो व वीडियो वायरल न होने का दावा कैसे कर सकते हैं।