इंडियन रेलवे और भारतीय सेना में नौकरियों से जुड़ी यह जानकारी आपके होश उड़ा देगी। अगर आप ध्यान रखेंगे तो बच जाएंगे, इग्नोर कर दी तो पछताना पड़ सकता है।
विज्ञापन
2 of 6
कॉलेज में दाखिला
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के जाली सर्टिफिकेट तैयार कर लोग पुलिस से लेकर सेना, रेलवे व एयफोर्स तक में नौकरियां हासिल करने में कामयाब रहे हैं। यह खुलासा पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में विभिन्न संस्थानों से आए दस्तावेजों की वेरिफिकेशन में हुआ। इस साल अब तक 23 सर्टिफिकेट जाली पाए गए हैं। इसके बाद बोर्ड ने उक्त लोगों को अपने रिकॉर्ड में ब्लैक लिस्ट कर दिया है। साथ ही इस संबंधी रिपोर्ट बनाकर संबंधित विभागों को भेज दी है। ऐसे लोगों पर केस दर्ज करवाने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होती है ताकि ये लोग आगे किसी को धोखा न दे पाएं। बोर्ड ने उक्त लोगों का सारा ब्योरा अपनी वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया है।
विज्ञापन
3 of 6
कॉलेज में दाखिला
हर महीने आते हैं दो हजार से अधिक दस्तावेज
जानकारी के मुताबिक जब भी किसी संस्थान में कोई भर्ती होती है तो संस्थान की तरफ से आवेदक के सर्टिफिकेट जांच के लिए संबंधित बोर्डों में भेजे जाते हैं। इतना ही नहीं विदेश में स्टडी के लिए जाने वाले लोगों के दस्तावेज भी बोर्ड में वेरिफिकेशन के लिए आते हैं। कुल मिलाकर दो हजार से अधिक सर्टिफिकेट हर माह आते हैं।
4 of 6
कॉलेज में दाखिला
न मिले डेट ऑफ बर्थ न ही रोल नंबर
बोर्ड द्वारा हर साल एक स्पेशल सीरीज के तहत रोल नंबर जारी किए जाते हैं। हर जिले के लिए एक स्पेशल कोड होता है लेकिन शातिर ठग सर्टिफिकेट छापकर लोगों को बेवकूफ बना देते हैं। बोर्ड ने ऐसे भी केस पकड़े हैं जिस रोल नंबर पर सर्टिफिकेट जारी किए गए थे उस सीरीज के रोल नंबर उस साल जारी ही नहीं किए गए थे। इसके अलावा बोर्ड ने फर्जी सर्टिफिकेट चेक करने के लिए एक स्पेशल चेक प्वाइंट सिस्टम बनाया हुआ है। इनमें पांच गुप्त प्वाइंट रखे हुए हैं, जिनके आधार भी सर्टिफिकेट बनाए जाते हैं।
विज्ञापन
5 of 6
कॉलेज में दाखिला
- फोटो : अमर उजाला
डिजिटल सर्टिफिकेट से फर्जी सर्टिफिकेटों पर कसेंगे नकेल
राज्य में मौजूदा कांग्रेस सरकार के आने के बाद फर्जी सर्टिफिकेटों पर नकेल कसने की दिशा में कार्रवाई शुरू हुई। शिक्षामंत्री ओपी सोनी की अगुवाई में बोर्ड ने इस बार 12वीं के विद्यार्थियों के डिजिटल सर्टिफिकेट तैयार किए हैं। इसके तहत जब बच्चों ने परीक्षा के लिए दाखिला फार्म भरे थे, तो उनका आधार नंबर उसमें जोड़ा गया था। इतना ही नहीं अब रोल नंबर वेबसाइट से हासिल करने के लिए लॉगिन करना होगा। तभी यह प्रक्रिया हो जाएगी। शिक्षामंत्री का दावा है कि फर्जी दस्तावेजों के कारोबार को पूरी तरह बंद करवाया जाएगा।
सर्टिफिकेट व डिग्रियां देने वाले गिरोह भी पकड़े गए
मोहाली जिले में फर्जी सर्टिफिकेट व डिग्रियां देने वाले गिरोह कई बार पकड़े जा चुके हैं। एक गिरोह तो जब एसएसपी का आफिस फेज-1 में होता था, तो उससे मात्र पचास मीटर की दूरी पर ही चलते पकड़ा गया था। इसी बीच जनवरी में स्पेशल आपरेशन सेल की टीम ने 41 संस्थानों की डिग्रियां व सर्टिफिकेट देने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। साथ ही गिरोह के कई मेंबर को काबू किया था। उनसे सर्टिफिकेट, मोहरे और कंप्यूटर बरामद किया था।