मान कौर
युवा पढ़े लिखे हैं, अपनी मर्जी से सरकार चुनें : मान कौर
जिदंगी का एक दशक पूरा कर चुकीं 103 वर्षीय वेटरन धावक मान कौर का कहना है कि उनके समय में अंग्रेजों का शासन हुआ करता था। वह खुद राजघराने में काम करती रही हैं। उसके बाद जब देश आजाद हुआ तो लोकतंत्र में मतदान की शुरुआत हुई। उस समय लोग अधिक पढ़े-लिखे नहीं हुआ करते थे। जिसने जो कह दिया, मान लेते थे और वहीं वोट डाल देते थे।
अब देश की सूरत बदल चुकी हैं। इस देश का एक बड़ा हिस्सा युवा हैं। आजकल के युवा पढ़े-लिखे और समझदार हैं। वह अपना बुरा-भला खुद जानते हैं। वह अपने वोट का सही इस्तेमाल कर अपनी मर्जी से सरकार चुनें। हां, वोट जरूर करें। आपका वोट ही आपकी ताकत है।
आज तक वोट नहीं डाला, अब डालूंगा : हरमीत काहलों
अर्जुन अवार्डी गोल्फर हरमीत काहालों ने कहा कि मैंने आज तक कभी वोट नहीं डाला। जिंदगी के सफर के साथ-साथ देश और विदेश में खेलने की वजह से अब तक वोटिंग करने से वंचित रहा हूं लेकिन अब समय के साथ-साथ जिंदगी में बदलाव आ चुका है। वोट की कीमत का पता चल चुका है। इतने सालों से वोट नहीं करने का आज मुझे मलाल हो रहा है।
इस बार अपने वोट का इस्तेमाल जरूर करूंगा। अपने पूरे परिवार को भी वोट डालने साथ लेकर जाऊंगा। वोट उसे डालूंगा, जिसने अपने क्षेत्र में जाकर जनता के लिए कुछ किया है। हमें वोट का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। मेरी शहरवासियों से विनती है कि अपने वोट का जरूर इस्तेमाल करें। वोट का इस्तेमाल कर आप एक बेहतर सरकार चुन सकते हैं।