सोमवती अमावस्या पर कुरुक्षेत्र में करीब दो लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे तो ट्रैफिक व्यवस्था दम तोड़ गई। रेलवे स्टेशन भी यात्रियों से लबालब थे। देखिए, तस्वीरें।
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सोम अमावस्या: पहले परीक्षा स्नान की, फिर प्रस्थान की
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ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर, गीता जन्मस्थली ज्योतिसर तीर्थ, स्थाणु तीर्थ, शनि मंदिर, कालेश्वर तीर्थ, प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर, सूर्य मंदिर, गीता भवन, श्रीकृष्ण संग्रहालय, कुरुक्षेत्र पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र, श्रीव्यास गौड़िया मठ, श्रीजयराम आश्रम के साथ ही पिहोवा के सरस्वती तीर्थ पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
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कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केबीडी) के संपदा प्रबंधक राजीव शर्मा ने बताया कि सरोवर पर दो मोटर बोट, सात तैराक, दो गोताखोर, चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 15 जगह सीसीटीवी कैमरे यात्रियों की सेवा और सुरक्षा के लिए लगाए गए थे।
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सूचना केंद्र से सैकड़ों सूचनाएं जारी की गईं और मेले में बिछुड़े करीब 600 लोगों को मिलवाया गया। जिला कुरुक्षेत्र के कार्यवाहक सीएमओ डॉ. केके शर्मा के मुताबिक सोमवती अमावस्या के मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता प्रबंध करने विशेष निर्देश उपायुक्त ने दिए थे।
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सोमवती अमावस्या के मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता प्रबंध करने विशेष निर्देश उपायुक्त ने दिए थे। स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस सर्विस, डॉक्टरों की टीम और इमरजेंसी वार्ड में आपातकालीन वार्ड तैयार रखा गया था।
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जींद-नरवाना-कैथल से कुरुक्षेत्र के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेन आज खतरे की रेलगाड़ी बनी दिखी। इस ट्रेन की छत और इंजन पर चढ़कर भी लोगों ने यात्रा की।
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यह हालात तब रहे जबकि 12 साल पहले इसी ट्रेन की छत से चार युवक भाखड़ा नहर में गिर गए थे। इनमें से तीन की मौत हो गई थी। थानेसर रेलवे स्टेशन पर तैनात रेलवे पुलिस ने बताया कि समझाने के बाद भी यात्रियों ने उनकी एक नहीं सुनी।