सोशल मीडिया की जिस तरह लोगों में पैठ बढ़ रही है, साइबर क्राइम के केस भी बढ़ रहे हैं। एक साल के तुलनात्मक आंकड़े चौंकाने वाले हैं। देखिए, यहां।
विज्ञापन
सोशल मीडिया यूज करते समय क्या सावधानियां बरतें?
2 of 7
केन्द्र शासित प्रदेशों के साइबर अपराध सेल के आंकड़े बताते हैं कि एक साल में ही साइबर क्राइम पांच गुणा बढ़ गया है। पिछले साल एक जनवरी से 30 जून तक 13 मामले दर्ज थे, जोकि इस साल अभी तक 66 हो चुका है। जांच में सामने आया कि साइबर क्राइम में या तो ज्यादा पढ़े लिखे लोग शामिल हैं, या वो जो जल्दी पैसा कमाने के चक्कर में होते हैं।
विज्ञापन
सोशल मीडिया यूज करते समय क्या सावधानियां बरतें?
3 of 7
सोशल मीडिया जैसे व्हाट्सऐप और फेसबुक आदि पर मिलने वाले जॉब ऑफर साइबर क्राइम का सबसे बड़ा कारण हैं। यूपी साइबर क्राइम सेल के मुताबिक 30 जून तक ही ऑनलाइन जॉब्स के 20 मामले सामने आ चुके हैं। ये वो घटनाएं हैं जिनमें युवाओं को पैसे बढ़ाने वाली जॉबस देने के बहाने शिकार बनाया जाता है।
सोशल मीडिया यूज करते समय क्या सावधानियां बरतें?
4 of 7
दूसरे तरीके जैसे डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड का पिन नंबर मांगना या बैंक अधिकारी होने का नाटक कर लोगों के पर्सनल बैंक अकाउंट की डिटेलस मांगना जैसे अपराध काफी बढ़े हैं। धोखेबाज आपके फोन पर कॉल कर बैंक अकाउंट की डिटेल्स ले सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि अगर कोई डिटेल्स बता देता है तो ठगा जाता है।
विज्ञापन
सोशल मीडिया यूज करते समय क्या सावधानियां बरतें?
5 of 7
अधिकारियों ने कहा कि शिकायतें बताती हैं कि युवा सोशल साइटस का इस्तेमाल अश्लील तस्वीरें, मैसेज और विडियोज अपलोड के लिए करते हैं जिससे वे सामने वाले को बदनाम करके उससे अपना हिसाब किताब पूरा कर सकें। ऐसे केसों में ज्यादातर शिकार लड़कियां होती हैं और सामाजिक कलंक से बचने के लिए वे केस फाइल ही नहीं करतीं।
विज्ञापन
सोशल मीडिया यूज करते समय क्या सावधानियां बरतें?
6 of 7
साइबर क्राइम से जुड़े मामलों की जांच बताती है कि ऐसे मामलों के लिए देश के नार्थ इस्ट इलाकों से नकली ई-मेल आईडी बनाई जाती हैं और इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) पते के बावजूद पुलिस को ऐसे अपराधियों को ट्रेस करने में दिक्कत होती है। इसी तरह लॉटरी घोटाले या अप्रवास ऑफर से जुड़े मामले जिनके ई-मेल ऐडरस प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल करके पाकिस्तान और जर्मनी में बनाए गए हैं, उनको ट्रेस कर मुश्किल है।
ऐसे बरतें सावधानियां: अपने मोबाइल या सोशल साइटस के बारे में न तो किसी अंजान को बताएं और न ही फ्रेंड लिस्ट में शामिल करें, क्योंकि वे निजी जानकारी प्राप्त करने के लिए आपके अकाउंट को हैक कर सकते हैं। अपने एटीएम पिन या एटीएम कार्ड से संबंधित कोई भी जानकारी अपने फोन या एसएमएस के जरिए किसी को न बताएं।