सांकेतिक तस्वीर
तापमान में तेज बदलाव से बचें। मसलन, एसी से एकदम गर्मी में न निकलें या फिर तेज गर्मी से आकर बहुत ठंडा पानी न पिएं।
सूरज की सीधी रोशनी से बचें। अगर आप बाहर निकल रहे हैं तो छाता लेकर और सन ग्लासेज पहनकर निकलें।
गर्मी के मौसम में कम-से-कम ट्रेवलिंग करें।
गर्मी और उमस से बचने के लिए ठंडी जगह (एसी) में रहें।
दिन में 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं, वरना डिहाइड्रेशन हो सकता है। डिहाइड्रेशन माइग्रेन का प्रमुख सामान्य कारक होता है। शरीर में पानी रहेगा तो माइग्रेन के चांस कम होंगे।
बरसात के मौसम में जब उमस बहुत ज्यादा होती है, हमें वैसी चीजों को खाने-पीने से बचना चाहिए, जिससे पसीना ज्यादा निकलता है, जैसे कि चाय-कॉफी।
मिर्च न खाएं और मसालेदार खाने से बचें।
सुबह सूरज निकलने से पहले वॉक पर जाएं। नंगे पांव घास पर चलें। इससे तनाव कम होता है। तनाव कम होता है तो हॉर्मोंस भी बैलेंस हो जाते हैं। इन सब वजहों से माइग्रेन कम हो जाता है।
रोजाना 30 मिनट योगासन और प्राणायाम जरूर करें। इससे काफी फायदा होता है। मेटिडेशन भी कारगर है, चाहे रोज 10 मिनट ही करें।