16 दिसंबर 2012 को हुए दिल्ली 'निर्भया' केस और हिसार में 6 साल की 'गुड़िया' से हुए रेपकांड में दो समानताएं हैं। मामले में आया चौंकाने वाला मोड़, जानिए।
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Hisar Rape
समानताएं: दोनों मामलों में मुख्य समानता यही थी कि वारदातों को बेहद घिनौने तरीके से अंजाम दिया गया था। रेप के बाद आरोपी इतनी बेदर्दी से पीड़िताओं के साथ पेश आए, सोचकर भी दिल दहल जाता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से दोनों की ये पुष्टि हुई।
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दिल्ली रेप केस में एक आरोपी नाबालिग था। हिसार रेप केस का आरोपी भी नाबालिग निकला है। वहीं वह स्मैक का नशा भी करता है। आरोपी स्कूल सर्टिफिकेट के हिसाब से नाबालिग है। एसआईटी ने इस मामले में आरोपी के परिजनों को साथ लेकर खुद स्कूल से सर्टिफिकेट निकलवाया और आरोपी को नाबालिग मानकर आरोपी के दस्तावेज को कोर्ट के समक्ष पेश किया।
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एक दिन के रिमांड के बाद उकलाना रेपकांड के आरोपी को जुवेनाइल कोर्ट के न्यायाधीश आशीष शर्मा की कोठी पर पेश किया जहां से उसे 14 दिन के लिए ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया गया। पुलिस ने रिमांड के दौरान घटना के समय पहनी गई आरोपी की पेंट बरामद की है। एसआईटी ने शुक्रवार को आरोपी को न्यायिक दंडाधिकारी तरन्नुम खान की अदालत में पेश किया था। पुलिस ने उसका एक दिन का रिमांड हासिल किया था।
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Hisar Rape
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार को आरोपी से घटनास्थल की निशानदेही कराई थी और घटना के समय पहनी हुई पेंट बरामद की। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी को बालिग मानकर उसका रिमांड हासिल किया था। मगर एक दिन बाद उसे नाबालिग मान लिया। स्कूली दस्तावेज में आरोपी की उम्र 18 साल से करीब दो महीने कम है। परिजनों ने उसके नाबालिग होने संबंधी दस्तावेज पुलिस को सौंपे हैं। इसलिए पुलिस ने उसको शनिवार को नाबालिग आरोपी के तौर पर पेश किया।
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आरोपी का वकील बोला- सीबीआई जांच हो
आरोपी के अधिवक्ता प्रदीप सैनी का कहना है कि बच्ची से रेप व मर्डर निंदनीय घटना है। मगर पुलिस को किसी निर्दोष को बलि का बकरा नहीं बनाना चाहिए। उनके मुवक्किल को इस केस में झूठा फंसाया गया है। इस मामले की जांच सीबीआई के हवाले होनी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
ये है मामला
उकलाना में 9 दिसंबर की सुबह झुग्गी के पास 6 साल की बच्ची का शव मिला था। उससे दुष्कर्म कर घिनौनी हरकत की गई थी। उकलाना थाना पुलिस ने इस बारे में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था। मासूम के साथ हैवानियत होने का मामला अखबारों की सुर्खियां बना तो वहां राजनैतिक और जन संगठनों के प्रतिनिधियों का आना-जाना शुरू हो गया था। एसआईटी इंचार्ज डीएसपी जयपाल सिंह की टीम ने बच्ची के पड़ोसी को आरोपी मानकर गिरफ्तार किया था।