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-24 डिग्री में 20 मिनट थिरकते रहे पांव, लड़की का सैनिकों को सलाम

Wed, 02 Nov 2016 09:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला(पंजाब)
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श्रुति गुप्ता की कत्थक परफॉर्मेंस
खून जमा देने वाली ठंड, लेकिन थिरकते रहे पांव। चेहरे पर न कोई शिकन और न लय पर कोई फर्क। लड़की ने कुछ ऐसे किया सैनिकों को सेल्यूट।
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श्रुति गुप्ता की कत्थक परफॉर्मेंस
जान पर बनी थी, लेकिन 20 मिनट तक डांस करती रही और वादियों में गूंजता रहा 'मां तुझे सलाम'। सिर्फ इसलिए कि देश की सरहदों की रक्षा कर रहे सैनिकों को सलाम कर सके। लड़की ने अपनी यह परफॉर्मेंस इंडियन आर्मी को समर्पित की। पहले भी एक रिकॉर्ड बना चुकी है और अब अपना ही रिकॉड तोड़ने वाली ये लड़की है, पंजाब के पटियाला की कत्थक डांसर श्रुति गुप्ता।
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श्रुति गुप्ता की कत्थक परफॉर्मेंस
जिस जगह पर श्रुति ने यह परफॉर्मेंस दी, वो जमीन से 18 हजार 380 फीट की ऊंचाई पर है, और तापमान माइनस 24 डिग्री है। एक ऐसी जगह, जहां आम आदमी महज 30 मिनट जिंदा रह सकता है, वहां श्रुति ने 20 मिनट की परफॉर्मेंस बिना गरम कपड़ों के दी। लद्दाख में खारदूंग ला पर सैनिकों की मौजूदगी में उनके सम्मान में उसने ऐसा समां बांधा कि सभी उसके हुनर के कायल हो गए।

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श्रुति गुप्ता की कत्थक परफॉर्मेंस
श्रुति ने बताया कि उसकी परफॉर्मेंस के दौरान आईटीबीपी और इंडियन आर्मी के लोग मौजूद रहे, जो लगातार मेरा हौंसला बढ़ा रहे थे। हालांकि परफॉर्मेंस खत्म करने से पहले जब मैंने तिरंगा हाथ में लिया तो तेज हवाओं के कारण मेरे हाथ अकड़ गए, लेकिन मैंने झंडा थामे रखा। जब परफॉर्मेंस खत्म हुई तो काफी देर तक मेरा हाल खराब रहा, लेकिन जल्द ही ठीक भी हो गया।
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श्रुति गुप्ता की कत्थक परफॉर्मेंस
श्रुति की इस परफॉर्मेंस के पीछे का असली मकसद बाद में पता चला। खुद श्रुति ने बताया कि हाड़ कंपा देने वाली इस ठंडी जगह पर डांस करने का उद्देश्य इंडियन आर्मी की आतंकवाद के खिलाफ छेड़ी गई मुहीम को सेल्यूट करना था। इसके अलावा एक मकसद था, अपना ही रिकॉर्ड तोड़ना। जो मैंने पिछले साल बनाया था। अब मेरा लक्ष्य माउंट एवरेस्ट पर डांस करना है।
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श्रुति गुप्ता की कत्थक परफॉर्मेंस
श्रुति बताती हैं कि इस पल के लिए वे सालभर से तैयारी कर रही थीं। इस बार परफॉर्मेंस बीस मिनट की थी और ऊंचाई भी पहले से ज्यादा। तो मैंने भी परिश्रम उसी हिसाब से किया, ताकि पिछले रिकॉर्ड को तोड़ सकूं। वे कहती हैं कि मैं बहुत छोटी उम्र से कथक कर रही हूं। पिछले 12 साल से तो स्टेमिना बनाने की प्रैक्टिस पर ही खास फोकस है। रोजाना 6 से 8 घंटे की प्रैक्टिस करती हूं।

 
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श्रुति गुप्ता की कत्थक परफॉर्मेंस
गौरतलब है कि श्रुति ने पिछले साल भी अक्तूबर के महीने में 17198.16 फीट (लगभग 5242 मीटर) की ऊंचाई पर 7 मिनट कत्‍थक किया था। हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में बारालाचा के पास यह परफॉर्मेंस देकर श्रुति ने लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया था। श्रुति ने अपनी इस परफॉर्मेंस को 'प्रकृति निर्वाण रूपम' नाम दिया था। यह परफॉर्मेंस भी सेना के जवानों को समर्पित थी।

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श्रुति गुप्ता की कत्थक परफॉर्मेंस
अमर उजाला से खास बातचीत में श्रुति ने कहा कि अब उनका सपना माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करके उस पर कथक करना है। अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए जल्द ही वह तैयारी शुरू करने जा रही हैं। हो सका तो इस प्रोजेक्ट को वह अगले साल पूरा करना चाहेंगी। श्रुति अपनी इस उपलब्धि पर काफी खुश हैं और अपने सपने को पूरा करने के लिए भी उत्साहित हैं।

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श्रुति गुप्ता की कत्थक परफॉर्मेंस
बता दें कि श्रुति मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के सोलन की हैं, लेकिन पिछले एक साल से उनका परिवार पटियाला में रह रहा है। श्रुति पंजाब यूनविर्सिटी पटियाला से कथक में मास्टर्स कर रही हैं। साथ ही वे पंडित राजेंद्र गंगानी से कत्‍थक सीख रही हैं, जो उनके पति भी हैं। कथक से पहले श्रुति शिमला यूनिवर्सिटी से सितार वादन में मास्टर्स कर चुकी हैं। श्रुति अपनी सफलता का श्रेय पिता आरबी गुप्ता, मां परवीन गुप्ता और पति व गुरु को देती हैं।
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श्रुति गुप्ता की कत्थक परफॉर्मेंस
श्रुति अब तक देश भर में 300 से ज्यादा परफॉर्मेंस दे चुकी हैं, लेकिन कुछ अलग करने की चाहत ने उनकी इस प्रस्तुति को दुनिया भर में खास बना दिया। श्रुति कहती हैं कि वह लोग जो आज भी लड़कियों को बोझ मान कर कोख में उन्हें मरवा डालते हैं, वह समाज पर कलंक हैं। अगर वह लड़की होकर इतना कुछ कर सकती हैं, तो बाकी भी कर सकती हैं। इसलिए लड़कियों को बोझ न समझा जाए।
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