पीएम नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया की जमीनी हकीकत देखकर आपके होश उड़ जाएंगे। यह मामला चंडीगढ़ में सामने आया है। तस्वीरों में जानिए। रिपोर्टः बलवान करिवाल, चंडीगढ़
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प्रोजेक्ट डिजिटल इंडिया के तहत चंडीगढ़ प्रशासन लोगों की सुविधा के लिए सेवाओं को ऑनलाइन कर रहा है। कुछ को किया भी जा चुका है। इसके बाद भी दफ्तरों में भारी भीड़ है। ऑनलाइन सेवाओं की पहुंच अभी भी लोगों से कोसों दूर है। ‘अमर उजाला’ ने ऑनलाइन की विभिन्न सेवाओं की जमीनी हकीकत को जाना।
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रजिस्ट्रिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) में अब भी पहले जैसा हाल है। दर्जनों काउंटरों में कोई भी ऐसा नहीं मिला, जहां लोगों की लंबी कतार न हो। आरएलए ने इसी सप्ताह अपना मोबाइल आरएलए एप लॉन्च किया है। जिस पर घर बैठे लाइसेंस, आरसी, वीआईपी नंबर और कई अन्य सेवाओं का स्टेटस पता चल जाता है। लेकिन अब भी इसकी जानकारी पाने वालों की भीड़ हेल्प डेस्क और इन्क्वायरी काउंटर पर डटी रही।
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लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि सुना तो है एप के बार में लेकिन अभी चेक नहीं किया है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि तीन दिन पहले ही एप लॉन्च हुए हैं। धीरे-धीरे लोगों को पता चलेगा। वह लोगों को इसके लिए जागरूक कर रहे हैं।
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एस्टेट ऑफिस के ई-कियोस्क का उद्घाटन भी मोबाइल आरएलए ऐप के साथ ही किया गया था। महज तीन दिन में ही कियोस्क की एक मशीन आउट ऑफ सर्विस हो गई। हालांकि दूसरी मशीन में फाइलों का स्टेटस पता चल रहा है। लेकिन इसकी जानकारी नहीं होने से इस पर भीड़ नहीं है।
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प्रशासन ने पब्लिक कैंप क्या शुरू किए दफ्तरों में बैठे बाबुओं ने लोगों की समस्याएं सुननी बंद कर दी। डीसी ऑफिस के नीचे बने ई-संपर्क सेंटर पर फरियादियों को अब पब्लिक कैंप में ही आने के लिए कहा जा रहा है।
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नेहरू कॉलोनी के 10 से अधिक लोग संपर्क सेंटर के काउंटर पर इंतजार करते रहे। लेकिन कोई उनकी बात सुनने को कोई तैयार नहीं था। हालांकि बाहर मिलने का समय 12 से 1 बजे तक है। इस बीच कोई मिलने को तैयार नहीं था। ई-संपर्क सेंटर में बैठे अधिकारी से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जिसे दिक्कत है वह पब्लिक कैंप में आए। अधिकारियों को दूसरे जरूरी काम दे रखें हैं। स्टाफ अभी व्यस्त है।
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यूटी एडवाइजर विजय कुमार देव ई-संपर्क सेंटरों पर ई-स्टांप सेवा का उद्घाटन कर चुके हैं। लेकिन ई-संपर्क सेंटर्स पर अब भी स्टांप पेपर की हार्ड कॉपी ही मिल रही है। बड़ी बात तो यह है कि डीसी ऑफिस के नीचे बने ई-संपर्क सेंटर पर भी हार्ड कॉपी ही दी जा रही है।
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जब अधिकारी से ऑनलाइन ई-स्टांप नहीं देने का कारण पूछा गया तो उसने कहा कि दोनों चीजें साथ में कैसे करें। साथ ही उसने कहा कि उन्हें पहले हार्ड कॉपी का स्टॉक निपटाने के आदेश दिए गए हैं। उसके बाद ऑनलाइन के बारे में सोचा जाएगा। अधिकारी ने कहा कि अगर आपको ई-स्टांप चाहिए तो सेक्टर-17 स्थित ई-संपर्क सेंटर पर जाना होगा।