फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुद तो पुलिसवाली बन गई, लेकिन बेटी को सेल्यूट करना है

Sun, 12 Jul 2015 08:06 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 6
सपना पुलिसवाले पिता ने देखा, लेकिन वे नहीं रहे, अब मां पुलिस में है और उन्होंने पति के सपने को पूरा करने की ठान ली है। रिपोर्टः कुलदीप शुक्ला, चंडीगढ़
विज्ञापन

खुद तो पुलिसवाली बन गई, लेकिन बेटी को सेल्यूट करना है

2 of 6
एक पिता को दुनिया की सबसे बड़ी खुशी तब मिलती है, जब बच्चे के नाम से उन्हें जाना जाए। कांस्टेबल स्वर्ण सिंह ने भी ऐसा ही सपना देखा था। तमन्ना थी कि बेटी को आईपीएस अफसर बनाऊं और वर्दी में अफसर बिटिया को सैल्यूट करूं। अब स्वर्ण सिंह तो इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनके सपने को पंख लगाने के लिए उनकी 38 वर्षीय पत्नी मंजीत कौर ने जिम्मेदारी संभाल ली है।
विज्ञापन

खुद तो पुलिसवाली बन गई, लेकिन बेटी को सेल्यूट करना है

3 of 6
उन्होंने वीरवार को ही कांस्टेबल की ट्रेनिंग पूरी की और अब पुलिस फोर्स ज्वाइन करने के साथ-साथ पति के सपने को पूरा करने को ही अपने जीवन का लक्ष्य बनाया है। कांस्टेबल मंजीत कौर का बड़ा बेटा 13 साल का है, जबकि एक बेटी आठ और दूसरी छह साल की है और सभी बच्चे पढ़ने में तेज हैं। जिस बैच में मंजीत कौर ने ट्रेनिंग पूरी की, उनमें 38 कांस्टेबलों में चार लेडी कांस्टेबल भी शामिल हैं।

खुद तो पुलिसवाली बन गई, लेकिन बेटी को सेल्यूट करना है

4 of 6
मंजीत कौर का कहना है कि उनके पति स्वर्ण सिंह अक्सर जिक्र करते थे कि ‘जब भी मैं अपने डिपार्टमेंट में किसी महिला अफसर को देखता हूं तो उनमें अपनी बेटियां दिखाई देती हैं। मैं भी अपनी बेटियों को आईपीएस अफसर बनाऊंगा और एक दिन ऐसा भी आएगा, जब खुद पुलिस की वर्दी में अपनी आईपीएस बेटी को सैल्यूट करूंगा’। यह कहते-कहते मंजीत कौर की आंखें भर आईं।
विज्ञापन

खुद तो पुलिसवाली बन गई, लेकिन बेटी को सेल्यूट करना है

5 of 6
सरदार स्वर्ण सिंह ने 1996 में चंडीगढ़ पुलिस में बतौर कांस्टेबल नौकरी शुरू की थी। 2001 में मंजीत कौर से शादी हुई। 27 सितंबर 2011 को ड्यूटी के दौरान स्वर्ण सिंह किसी स्पॉट पर जा रहे थे, तभी जीरकपुर के पास कुत्ते के बच्चे को बचाने में बाइक स्किट कर गई और 13 सितंबर को पीजीआई में स्वर्ण सिंह की मौत हो गई। इसके बाद से परिवार की पूरी जिम्मेदारी पत्नी मंजीत कौर के कंधों पर है। वह बारहवीं पास हैं, लेकिन हर हाल में अपने पति के सपने को पूरा करना चाहती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

खुद तो पुलिसवाली बन गई, लेकिन बेटी को सेल्यूट करना है

6 of 6
मंजीत कौर सिर्फ एक अच्छी मां व पत्नी का ही फर्ज नहीं निभा रही हैं, बल्कि वह एक अच्छी बहू भी हैं। तभी तो उनकी सास जसपाल कौर कहती हैं कि ‘बेटे की मौत के बाद मंजीत से बहू और बेटा दोनों तरह का प्यार मिल रहा है। मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे ऐसी बहू मिली है’। वहीं, मंजीत कौर का कहना है कि उन्हें उस दिन का इंतजार है, जब वह अपने पति की इच्छा को पूरी करेंगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें