फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रामपाल के अनुयायियों की दो टूक 'न्याय दो या मौत'

Mon, 17 Nov 2014 11:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
विज्ञापन
1 of 11
'कमांडो' बनकर संत रामपाल की सुरक्षा में डटे अनुयायियों की दो टूक मांग है, न्याय दो या मौत? देखिए ये तस्वीरें-
विज्ञापन

रामपाल के अनुयायियों की दो टूक 'न्याय दो या मौत'

2 of 11
हिसार के करौंथा आश्रम के संत रामपाल की गिरफ्तारी को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी पर अड़ी है, वहीं 'कमांडो' बनकर संत की सुरक्षा में लगे अनुयायी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
विज्ञापन

रामपाल के अनुयायियों की दो टूक 'न्याय दो या मौत'

3 of 11
हजारों की संख्या में लोग सतलोक आश्रम के बाहर डटे हुए हैं। भरी सर्दी भी महिलाओं और बच्चों की आस्‍था को डगमगा नहीं पा रही है।

रामपाल के अनुयायियों की दो टूक 'न्याय दो या मौत'

4 of 11
उधर संत रामपाल भी कोर्ट में पेश न होने की बात पर अड़े हैं। उनका कहना है‌ कि तबीयत ठीक होगी तो खुद कोर्ट में आ जाऊंगा।
विज्ञापन

रामपाल के अनुयायियों की दो टूक 'न्याय दो या मौत'

5 of 11
ऐसे में पुलिस और सीआरपीएफ के लिए असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि वह करे तो क्या करे। हजारों लोगों की जिंदगी दाव पर लगी हुई है।
विज्ञापन

रामपाल के अनुयायियों की दो टूक 'न्याय दो या मौत'

6 of 11
हालांकि कई राजनेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संत रामपाल को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे पेश होने को नहीं मान रहे।
विज्ञापन

रामपाल के अनुयायियों की दो टूक 'न्याय दो या मौत'

7 of 11
पेशी के लिए संत रामपाल को विकल्प भी दे दिए गए हैं। मुख्यमंत्री खट्टर भी निवेदन कर चुके हैं, लेकिन संत अपनी बात पर अड़े हैं।

रामपाल के अनुयायियों की दो टूक 'न्याय दो या मौत'

8 of 11
पुलिस बेचारी बेबस है। ऐसा लगता है मानो मजाक बन रहा है उनका और कानून का। एक संत की गिरफ्तारी और हजारों लोगों की जिंदगी।

रामपाल के अनुयायियों की दो टूक 'न्याय दो या मौत'

9 of 11
देखिए, हाथों में बैनर लिए सतलोक आश्रम के बाहर डटे महिलाएं और बच्चे।

रामपाल के अनुयायियों की दो टूक 'न्याय दो या मौत'

10 of 11
हाथों में बैनर लिए सतलोक आश्रम के बाहर डटे महिलाएं और बच्चे।
विज्ञापन

रामपाल के अनुयायियों की दो टूक 'न्याय दो या मौत'

11 of 11
हाथों में बैनर लिए सतलोक आश्रम के बाहर डटे महिलाएं और बच्चे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें