फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लक्खा सिधाना की वापसी : भीड़ जुटाने में दिल्ली हिंसा के आरोपी की मदद लेंगे किसान, एक लाख रुपये का है इनाम

Thu, 01 Apr 2021 11:42 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
विज्ञापन
1 of 5
किसान आंदोलन। - फोटो : फाइल
कमजोर पड़ रहे आंदोलन में भीड़ जुटाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा अब एक लाख के इनामी लक्खा सिधाना की मदद लेगा। लक्खा गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में हुए बवाल के मामले में मुख्य आरोपी है और पुलिस ने उस पर एक लाख का इनाम घोषित कर रखा है। गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस पर हिंसा के बाद दीप सिद्धू और लक्खा सिधाना के संबंध में कहा था कि दोनों आंदोलन का हिस्सा नहीं हैं। 
विज्ञापन

2 of 5
लक्खा सिधाना - फोटो : फाइल
गेहूं की फसल कटाई का सीजन जोर पकड़ चुका है और फसल को मंडियों तक पहुंचाना है। इसलिए ही अधिकतर किसान गांव लौट चुके हैं और धरनास्थल पर संख्या बहुत कम रह गई है। इस कारण पंजाब के 32 किसान संगठनों ने फैसला किया था कि आंदोलन को मजबूत करने के लिए लक्खा सिधाना का मदद ली जाएगी। पंजाब के किसान संगठनों के फैसले पर संयुक्त किसान मोर्चा ने मुहर लगाते हुए गुरुवार को कुंडली बॉर्डर से खुला एलान कर दिया कि अब आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए लक्खा की मदद ली जाएगी। 
विज्ञापन

3 of 5
लक्खा सिधाना। - फोटो : फाइल
संयुक्त किसान मोर्चा का मानना है कि गणतंत्र दिवस के बाद युवा काफी संख्या में आंदोलन से हट गए हैं। अब उन्हें लक्खा सिधाना के सहारे दोबारा आंदोलन से जोड़ा जा सकता है। एक लाख रुपये का इनाम घोषित होने के बाद भी लक्खा के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। साथ ही वह पंजाब में महापंचायत के दौरान कई घंटे मंच पर भी रहा था।

4 of 5
किसान आंदोलन। - फोटो : फाइल
लक्खा के साथ अन्य संगठनों की लेंगे मदद
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य दर्शनपाल ने कहा कि आंदोलन में अब लक्खा सिधाना की मदद लेंगे। साथ ही किसानों ने कई अन्य संगठनों का सहयोग लेने का भी फैसला लिया है। आसपास के गांवों के किसानों से लगातार संपर्क साध रहे हैं। हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों को धरनास्थल तक लाने के लिए गांवों में प्रतिनिधि भेजे जा रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
किसान आंदोलन की फाइल फोटो।
बता दें कि बुधवार को कृषि कानूनों पर सरकार का रुख देखते हुए किसानों ने संसद कूच का एलान कर दिया था। किसान मई के पहले सप्ताह में संसद भवन तक पैदल मार्च करेंगे। इसकी अगुवाई महिलाएं करेंगी। किसानों ने फैसला किया है कि सभी बॉर्डर से एक साथ पैदल मार्च करते हुए संसद के लिए निकलेंगे। संसद जाने के लिए तारीख जल्द ही तय करके घोषणा की जाएगी। इसके अलावा 10 अप्रैल को केएमपी एक्सप्रेस-वे को 24 घंटे के लिए जाम किया जाएगा। इससे पहले पांच अप्रैल को देशभर में 736 जिलों में एफसीआई के कार्यालय के बाहर 11 बजे से शाम छह बजे तक धरना प्रदर्शन होगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें