देश की दिग्गज पहलवान गीता फौगाट को हराने वाली साक्षी मलिक ने कभी उसे ही देखकर कुश्ती के गुर सीखे। आज वही उसकी ओलंपिक की राह में रोड़ा बनकर खड़ी है।
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जिस पहलवान को माना गुरु, उसे हराना शुरू, अब निशाना ओलंपिक
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गीता फौगाट को हराने वाली साक्षी मलिक ने कभी उसे ही देखकर कुश्ती के गुर सीखे।
- फोटो : अमर उजाला
रोहतक के छोटे से गांव मोखरा की रहने वाली साक्षी मलिक ने पांच साल पहले कुश्ती के गुर सीखने शुरू किए थे। उस समय पड़ोसी जिले भिवानी की गीता फौगाट कुश्ती में काफी नाम कमा चुकी थी। साक्षी ने भी कई बार गीता को खेलते हुए देखा, उससे कुश्ती के गुर सीखे। जब भी किसी कैंप में गीता से साक्षी मिलती तो वह गीता से कुश्ती के टिप्स लिया करती। लेकिन उस समय गीता ने सोचा भी नहीं होगा कि एक दिन उनको इसी साक्षी के सामने अखाड़े में उतरना पड़ेगा।
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गीता फौगाट को हराने वाली साक्षी मलिक ने कभी उसे ही देखकर कुश्ती के गुर सीखे।
- फोटो : अमर उजाला
वह भी बड़े मुकाबले में और उनमें उलटफेर भी बड़ा ही होगा। पहला उलटफेर 10 दिसंबर 2015 को हुआ, जब प्रो-रेसलिंग के पहले ही मैच में साक्षी ने गीता को पटखनी दी। जबकि दूसरा उलटफेर 5 मार्च 2016 को हुआ, जब ओलंपिक गेम्स क्वालीफाई के लिए हुए ट्रायल में साक्षी ने गीता को चित कर दिया। इस तरह गीता फौगाट की ओलंपिक की राह में साक्षी सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्वी बनकर खड़ी हो गई है, क्योंकि दोनों ही 58 किलो भारवर्ग में खेलती हैं।
जिस पहलवान को माना गुरु, उसे हराना शुरू, अब निशाना ओलंपिक
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गीता फौगाट को हराने वाली साक्षी मलिक ने कभी उसे ही देखकर कुश्ती के गुर सीखे।
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प्रशिक्षकों की मानें तो साक्षी एक कदम आगे बढ़ चुकी है। गीता फौगाट के लिए पहले कोई चुनौती नहीं थी क्योंकि साक्षी मलिक ने 2015 में दोहा में हुई सीनियर एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में 60 किलो में खेलते हुए कांस्य पदक जीता था। इसके बाद साक्षी ने अपने पुराने 58 किलो भार वर्ग में खेलने का फैसला लिया। इसके लिए उसने अपना वजन भी कम किया और गीता के भार वर्ग में खेलने लगी। साक्षी का यह फैसला गीता के लिए बड़ी परेशानी बन रहा है।
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गीता फौगाट को हराने वाली साक्षी मलिक ने कभी उसे ही देखकर कुश्ती के गुर सीखे।
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साक्षी मलिक को पूरा विश्वास है कि वह पहली बार में ओलंपिक क्वालीफाई कर जाएगी। इसके लिए वह पूरा दिन पसीना बहा रही है, जिससे उसका ओलंपिक खेलकर देश को मेडल दिलाने का सपना पूरा हो सके। कोच ईश्वर दहिया भी साक्षी पर पूरा विश्वास जता रहे हैं। वे कहते हैं कि साक्षी ओलंपिक क्वालीफाई कर जाएगी, क्योंकि इस समय वह बेहतर प्रदर्शन कर रही है।