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अपनी हरकतों की वजह से जेल भी जा चुकी है ये साध्वी, कुछ ऐसा है रहन-सहन

Sun, 16 Jul 2017 09:16 AM IST
टीम डिजीटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Deva Thakur
भोली सी दिखने वाली यह साध्वी अपने कारनामों की वजह से जेल भी जा चुकी है। इन्हे बंदूकों वाली साध्वी भी कहा जाता है, खुद देखिए क्यों? 
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बंदूकों की शौकीन साध्वी देवा ठाकुर
ये हैं हरियाणा की देवा इंडिया फाउंडेशन की निदेशक साध्वी देवा ठाकुर। दरअसल, साध्वी देवा ठाकुर करनाल में एक शादी में डांस फ्लोर पर फायरिंग के बाद चर्चा में आईं।
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करनाल साध्वी देवा ठाकुर - फोटो : self
इस गोलीकांड में छर्रे लगने से दूल्हे की मौसी की मौत हो गई थी जबकि दस वर्षीय बच्ची सहित चार लोग घायल हो गए थे। फायरिंग के बाद वे फरार हो गई थीं, पर बाद में सरेंडर कर दिया था। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, वे जेल में भी रहीं। कुछ समय पहले ही रिहा हुई हैं।

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बंदूकों की शौकीन साध्वी देवा ठाकुर
साध्वी देवा ठाकुर हरियाणा के जींद की रहने वाली हैं। उनका आश्रम करनाल में है। 26 साल की देवा अपने बयानों के कारण चर्चा में रहती हैं और अक्सर बंदूकों के साथ नजर आती हैं। हिंदुवादी साध्वी देवा ठाकुर अपने कारनामों के साथ साथ अपने विवादित बयानों के लिए काफी चर्चित रहती हैं।
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साध्वी देवा ठाकुर
सोशल मीडिया पर जबरदस्त सक्रिय रहने वाली साध्वी देवा ठाकुर बचपन से माता बाला सुंदरी की भक्त हैं। बचपन से ही वह ज्योतिष का कार्य करती थी। करीब 15 साल पहले साध्वी ने भगवा चोला पहना और अपना डेरा स्थापित कर लिया। इसके बाद धीरे-धीरे डेरे के भक्त बढ़ने लगे। आसपास के क्षेत्र में डेरे का नाम हुआ तो बाद में अन्य राज्यों में भी साध्वी के कार्यक्रम होने लगे।
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साध्वी देवा ठाकुर का प्रोफाइल - फोटो : फाइल फोटो
हिंदू धर्म को लेकर प्रखर साध्वी के विवादित बयानों ने भी उसे खासी पहचान दी। इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि करीब दो साल हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद तक से उसे नवाजा गया, हालांकि बमुश्किल वह साल भर ही यहां पर रह सकी और बाद में सार्वजनिक तौर पर साध्वी ने महासभा को छोड़ दिया था।
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साध्वी देवा ठाकुर का प्रोफाइल - फोटो : फाइल फोटो
बता दें कि गांव ब्रास में साध्वी पढ़ी लिखी हैं और बचपन से ही उनकी रुचि ज्योतिष और आध्यात्म में रही है। माता बाला सुंदरी की भक्त के नाम से ही बचपन से पूरा गांव उसे जानता था। गांव से अपनी पढ़ाई करने के बाद साध्वी ने अपना डेरा स्थापित कर लिया और डेरे का नाम माता बाला सुंदरी डेरा रखा। इसके बाद से ही यहां पर भक्तों की संख्या बढ़ने लगी।

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बंदूकों की शौकीन साध्वी देवा ठाकुर
करीब 6 साल पहले साध्वी ने देवा फाउंडेशन का गठन किया और खुद उसकी अध्यक्ष बन गई। उनके डेरे पर सत्ताधारी और विपक्ष के नेताओं समेत अधिकारी भी नतमस्तक होते रहे हैं। सोशल मीडिया पर इनकी सभी की तस्वीरें इस बात का बखान करती हैं कि साध्वी के पास दंडवत होने वालों की कमी नहीं थी और धीरे-धीरे वह प्रदेश के साथ-साथ देश के संतों में अपना स्थान रखने लगी थी।
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साध्वी देवा ठाकुर
देवा ठाकुर को हिंदू धर्म पर व्याख्यान के लिए राजस्थान, एमपी और यूपी समेत अन्य राज्यों से निमंत्रण आते थे। एक खास कौम के खिलाफ खुलकर बोलने के कारण साध्वी खुद अपनी सुरक्षा के लिए पिस्टल रखती हैं और साथ ही पांच से छह हथियारबंद युवक उसकी सुरक्षा में रहते हैं। अच्छी पोशाक और हथियारों के शौक के कारण साध्वी का खासा नाम है।
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