लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड बचाने की खातिर सेना का जवान श्रीओम 10 किलो वजन लेकर 104 किमी. दौड़ा इतनी तेज..बच गया रिकार्ड। तस्वीरों में पूरा मामला।
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10 किलो वजन ले 104 किमी. ऐसे दौड़े...बच गया रिकार्ड
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दरअसल, 21 आसाम राइफल के जवान और लाखनमाजरा निवासी श्रीओम पुत्र आजाद सिंह ने 4 महीने पहले 14-15 दिसंबर 2014 को 100 किलोमीटर की दौड़ 17 घंटे 50 मिनट में पूरी की थी।
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17-18 अप्रैल को 100 किमी की दौड़ कैथल के सुभाष ने 15 घंटे 44 मिनट में पूरी की और रिकार्ड को चुनौती दी। हालांकि अभी उसके रिकार्ड को अभी लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड से मान्यता नहीं मिली है।
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वहीं इस बार श्रीओम ने 104 किलोमीटर की दौड़ उन्होंने 13 घंटे 35 मिनट में पूरी की है। श्रीओम ने लगातार दौड़ लगाते हुए बीच में केवल चार बार पांच-पांच मिनट का ब्रेक लिया और केवल नींबू पानी पीया।
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हरियाणा कोच एसोसिएशन के चीफ कोच कृष्ण पहाड़ीपुर ने दो अन्य कोच के साथ सभी दस्तावेज पूरे किए और वीडियो रिकार्डिंग करवाई। बुधवार को शाम 6 बजे दौड़ शुरू हुई जो बृहस्पतिवार को सुबह सात बजकर 35 मिनट पर पूरी हुई।
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दस वर्षीय बेटे अमन राठी लगभग चार किलोमीटर तक पिता के साथ चला। बोला, पापा नए-नए रिकार्ड बना रहे हैं तो स्कूल व गांव में बच्चों व ग्रामीणों से जब सुनता हूं कि यह श्रीओम का बेटा है जिसने 100 किलोमीटर की दौड़ लगाई है तो बड़ी खुशी होती है पापा का नाम सुनकर।
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रिकार्ड से माता-पिता का सीना चौड़ा होना लाजमी है। श्रीओम के मां बाप के साथ और उन्होंने जब पता चला कि श्रीओम गांव में पहुंच गया है तो झट से घर में देसी घी हलवा बना डाला। घर पहुंचते ही मां ने बेटे के लिए थाली में हलवा डाला और बोली ले बेटा गर्म गर्म खाले। देसी घी का बनाया सै मेरे लाल की खातिर।