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देखिए, रोहतक रेपकांड के 'दरिंदों' का पूरा सच

Tue, 10 Feb 2015 08:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
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पूरे देश को हिलाकर रख देने वाले रोहतक के रेपकांड के सभी आरोपियों को कोर्ट ने दोषी करार दे दिया है। देखिए, 'दरिंदों' का पूरा सच।
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रोहतक के निर्भया कांड के सभी आरोपी गद्दी खेड़ी गांव के हैं। राजेश उर्फ घुचड़ू पुत्र जगदीश बेरोजगार घूमता रहता है। सुनील उर्फ शीले पुत्र रमेश अपनी दुकान शीले कोल्ड ड्रिंक पर काम करता था। सरवर उर्फ बिल्लू पुत्र ओमप्रकाश लकड़ी का काम करता है। एक आरोपी मनबीर पुत्र धर्मबीर है।
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सुनील उर्फ माड़ा पुत्र सूरजभान गांव में ही ठेके चलाता है। पवन पुत्र करमू किसी फैक्ट्री में काम करता है। प्रमोद उर्फ पदम गांव के पूर्व सरपंच रणबीर सिंह का बेटा है और खेती करता है। सोमबीर पुत्र शीलकराम एक निजी फैक्ट्री में काम करता है और नेपाली संतोष शीले की दुकान पर रहता था।

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निर्भया कांड के तीन आरोपी पदम, राजेश और सोमबीर के सिर पर पिता का हाथ नहीं है। पूरा गांव दंग है कि उनके गांव के बच्चों ने ऐसा जघन्य अपराध कैसे कर दिया, जिससे रूह कांप जाए।

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सोमबीर पुत्र सिलकराम ने दिल्ली में जहर निगल लिया, लेकिन घर पर उसकी मां को नहीं पता कि उसके बेटे का नाम सामने आ गया है। सिलकराम की विधवा कहती है कि मेरे दूसरे बेटे को भी पुलिस ने उठा रखा है। इस उम्मीद में घर के दरवाजे पर बैठी है कि जल्द ही दोनों बेटे वापस आएंगे।

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आंसु और भावनाओं को काबू कर अनिल कहता है कि मेरे पापा रमेश सरकारी स्कूल  में चपरासी हैं। उन्होंने हमें शिक्षकों जैसे संस्कार दिए। लेकिन इस रूह कंपा देने वाले अपराध में पकड़े गए तीनों आरोपी मेरे घर से हैं। फिर भी हम नहीं मान सकते कि उन्होंने ऐसा जघन्य अपराध किया होगा।
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जघन्य अपराध में भाई का नाम सामने आने से परिवार घबरा गया है। सुनील की मां और उसके भाई अनिल के आंसु नहीं रुक रहे हैं। अनिल कहता है कि उसे ठीक से याद नहीं, लेकिन शायद 1 फरवरी की रात को सुनील और नेपाली संतोष रात साढ़े 11 बजे घर आए थे।
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