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कुश्ती छोड़ने के बाद पहली बार बोलीं ऋतु फोगाट, बताया- अखाड़े से दूरी क्यों बनाई, क्या है टारगेट

Wed, 27 Feb 2019 01:51 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चरखी दादरी(हरियाणा)
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ऋतु फोगाट
कुश्ती छोड़ने का एलान करने बाद ऋतु फोगाट पहली बार मीडिया से रूबरू हुईं और बताया कि आखिर क्यों उन्होंने अखाड़े से दूरी बनाई और उनका असली टारगेट क्या है, पढ़ें इंटरव्यू।
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ऋतु फोगाट
कॉमनवेल्थ की गोल्ड मेडलिस्ट और वर्ल्ड चैंपियनशिप अंडर-23 की सिल्वर मेडलिस्ट ऋतु फोगाट ने भारत को मिक्स मार्शल आर्ट (एमएमए) की वर्ल्ड चैंपियनशिप बेल्ट दिलाने के लिए कुश्ती छोड़ी है। एमएमए के दांव-पेच व बारीकियां सीखने के लिए ऋतु इस समय सिंगापुर में ट्रेनिंग ले रही हैं। ऋतु को दुनिया की सबसे प्रमुख एमएमए ऑर्गेनाइजेशन इवोल्व ट्रेनिंग दे रही है। एमएमए की ट्रेनिंग लेने वाली ऋतु पहली भारतीय महिला पहलवान है। ऋतु के पिता द्रोणाचार्य अवॉर्डी महावीर फोगाट ने भी इस फैसले का समर्थन किया है।
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ऋतु फोगाट
अमर उजाला से बातचीत में ऋतु ने बताया कि लंबे समय से वह एमएमए देख रही हैं। उन्हें यह खेल दिलचस्प लगा। इसलिए उन्होंने भारत को इस खेल में आगे लाने के उद्देश्य से ही यह फैसला लिया है। द्रोणाचार्य अवॉर्डी महावीर फोगाट की चार बेटियों में से ऋतु एक हैं। बड़ी बहन गीता और बबीता फोगाट नामी पहलवान हैं। वहीं सगीता फोगाट भी पहलवानी करती हैं। ऋतु बहनों के नक्शेकदम पर चलते हुए राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 20 से अधिक पदक जीत चुकी हैं।

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ऋतु फोगाट
2016 में आयोजित कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में ऋतु ने देश को गोल्ड और 2019 में आयोजित सीनियर अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल दिलाया था। कुश्ती मेट पर परचम लहराने के बाद ऋतु ने अब मिक्स मार्शल आर्ट में भी देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रौशन करने की ठान ली है। वे अब एमएमए की वन चैंपियनशिप के लिए तैयारियां कर रही है। इसके लिए उसने इवोल्व एमएमए ऑर्गेनाइजेशन के साथ समझौता किया है। यह ऑर्गेनाइजेशन ही उसे वन चैंपियनशिप के लिए तैयारी करेगी।
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ऋतु फोगाट
ऋतु ने बताया कि पिछले 15 सालों में ही एमएमए की तरफ कई देशों के खिलाड़ियों का रुझान बढ़ा है, लेकिन भारत बहुत पीछे है। देश को पहली वर्ल्ड चैंपियनशिप बेल्ट दिलाने के लिए दो माह पहले ही यह फैसला लिया था। इसके बाद पिता महावीर और परिजनों के सामने इच्छा जाहिर की तो उन्होंने समर्थन किया। वहीं, ऋतु का कहना है जब तक ट्रेनिंग चलेगी, वह कुश्ती से दूरी बनाए रखेंगी। बता दें कि उनसे पहले भारत के किसी अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पहलवान ने कुश्ती छोड़कर मिक्स मार्शल आर्ट की तरफ रुझान नहीं दिखाया।
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mahavir phogat
बेटी का फैसला है, मैं साथ हूं : महावीर
ऋतु का रुझान एमएमए की तरफ काफी समय से था। अब उसने देश को एमएमए वर्ल्ड चैंपियन बनाने के लिए ये फैसला लिया है। इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। बेटी के इस फैसले में मैं उसके साथ हूं। मुझे उम्मीद है कि ऋतु देश को एमएमए चैंपियनशिप बेल्ट दिलाने का सपना जल्द पूरा करेगी।  एमएमए कई खेलों का मिश्रण में है। इसमें कुश्ती, वुशु, किक बॉक्सिंग, मार्शल आर्ट सहित अन्य खेलों की तकनीक काम आती है। इन खेलों की तकनीकों में महारत हासिल करने के लिए वह इवोल्व ऑर्गेनाइजेशन से जुड़ी हैं। इस ऑर्गेनाइजेशन ने कई वर्ल्ड चैंपियन तैयार किए हैं।
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