पहले पिता ने तीरअंदाजी सीखी फिर बेटी को सिखाई, बेटी अब तक नैशनल गेम्स में 15 मैडल जीत चुकी है ओलंपिक भी खेलना चाहती है लेकिन...
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करनाल की बेटी रिद्धि फोर
करनाल की बेटी रिद्धि ओलंपिक में देश का नाम रोशन करना चाहती है लेकिन करनाल में न ही तीरअंदाजी के लिए कोई ग्राउंड है और न ही कोच। रिद्धि अंतराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने का माद्दा तो रखती है, लेकिन हर साल करीब दो लाख रुपये का खर्च इस खेल में वहन करने की क्षमता परिवार में नहीं है।
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करनाल की बेटी रिद्धि फोर
रिद्धि के पिता मनोज फोर व माता पिंकी देवी रोजाना रिद्धि के साथ एक खाली पड़े मैदान में रिद्धि और उसके साथ अन्य खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करवाते है। राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण सहित अन्य 15 पदक हासिल करने वाली होनहार खिलाड़ी को अब मदद की जरूरत है।
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करनाल की बेटी रिद्धि फोर
बता दें कि करनाल की 12 वर्षीय तीरंदाज रिद्धि फोर 20 साल की तीरंदाजों को टक्कर देगी। रिद्धि ने सितारा में होने वाली जूनियर नेशनल चैंपियनशिप के लिए प्रदेश की टीम में जगह बना ली है। शनिवार को जींद में हुए ट्रायल में प्रदेश की चार लड़कियों का चयन किया गया। 360 में से 291 अंक लेकर रिद्धि फोर तीसरे स्थान पर रही।
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करनाल की बेटी रिद्धि फोर
12 साल की रिद्धि ने 70 मीटर से सटीक निशान साधकर सभी को चौंका दिया। इस उम्र के खिलाड़ी अमूमन 50 मीटर से निशान साधते हैं। रिद्धि अब पूना के सितारा में 20 से 25 फरवरी को होने वाली जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में देशभर की तीरंदाजों को टीम के साथ टक्कर देगी।
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करनाल की बेटी रिद्धि फोर
तीरंदाज रिद्धि फोर इससे पहले इंदौर में भी इतिहास रच चुकी है। बीते साल दिसंबर में रिद्धि ने 62वीं अंडर-14 स्कूल नेशनल तीरंदाजी चैंपियनशिप में चार गोल्ड मेडल सहित पांच पदक जीते थे। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में रिद्धि ने ओवरऑल चैंपियन का खिताब भी हासिल कर नाम कमाया था।
इतनी कम उम्र में राष्ट्रीय स्तर पर इतने मेडल किसी ने नहीं लिए थे। महज 12 साल की रिद्धि ने अंडर-14 में अपने से बड़ी उम्र की लड़कियों को पछाड़ा था। इस बार 20 साल की तीरंदाजों से टक्कर होगी। मनोज फोर व पिंकी देवी की होनहार बेटी रिद्धि राष्ट्रीय स्तर पर अब तक 8 स्वर्ण, दो रजत व पांच कांस्य सहित कुल 15 पदक जीत चुकी है।