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चार दिन से 150 फीट गहरे बोरवेल में जिंदगी की जंग लड़ रहा दो साल का 'फतेह', तस्वीरें आईं सामने

Mon, 10 Jun 2019 07:55 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुनाम ऊधम सिंह वाला(संगरूर)
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बोरवेल में फंसे बच्चे के लिए रेसक्यू ऑपरेशन - फोटो : अमर उजाला
150 फीट गहरे बोरवेल में चार दिन से दो साल का मासूम फतेह जिंदगी की जंग लड़ रहा है। उसे बाहर निकालने के प्रयास लगातार जारी हैं, देखिए तस्वीरें।
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बोरवेल में फंसे बच्चे के लिए रेसक्यू ऑपरेशन - फोटो : अमर उजाला
घटना 6 जून दिन वीरवार शाम चार बजे की है। संगरूर जिले में सुनाम के गांव भगवानपुरा निवासी सुखविंदर सिंह का दो साल का बेटा फतेहवीर खेत में बने बोरवेल में मिल गया। 10 साल पुराने बोरवेल को कट्टे से ढककर रखा गया था, लेकिन बारिश पड़ने से वह कमजोर हो चुका था। खेलते-खेलते बच्चे का पैर उस पर आ गया और उसके दबाव से कट्टा बोरवेल में धंसता चला गया। उसके साथ फतेहवीर भी बोरवेल में गिरता चला गया।
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बोरवेल में फंसे बच्चे के लिए रेसक्यू ऑपरेशन - फोटो : अमर उजाला
फतेहवीर के चिल्लाने की आवाज सुनकर मां-बाप दौड़े आए। मां गगनदीप ने भागकर बच्चे को पकड़ने की कोशिश भी की थी, लेकिन वह फतेहवीर को केवल छू ही सकी थीं। उसके हाथ में रद्दी हो चुके कट्टे का टुकड़ा आया। वह इसके लिए खुद को कोस रही है। मैं अपने बच्चे को बचा नहीं सकी, ये कहते हुए वह बार-बार बेहोश हो जाती है। वहीं पिता का भी रो-रोकर बुरा हाल है। वह यही कह रहे हैं कि मैं हाथ धोने न जाता तो फतेहवीर को गिरने से बचा सकता था।

 

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बोरवेल में फंसे बच्चे के लिए रेसक्यू ऑपरेशन - फोटो : अमर उजाला
परिजनों ने बताया कि फतेहवीर उनकी इकलौती संतान है। सुखविंदर सिंह और गगनदीप कौर की शादी करीब सात साल पहले हुई थी, जिसके पांच साल बाद कई मन्नतों के बाद फतेहवीर सिंह का जन्म हुआ था। 10 जून को फतेहवीर दो साल का हो जाएगा। हालांकि नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) और डेरा समर्थक टीम (शाह सतनाम फोर्स) ने मोर्चा संभाला हुआ है। रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार चल रहा है और सभी बच्चे की सलामती की दुआएं मांग रहे हैं।
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बोरवेल में फंसे बच्चे के लिए रेसक्यू ऑपरेशन - फोटो : अमर उजाला
सीसीटीवी के माध्यम से बच्चे पर लगातार नजर रखने के अलावा बोर में ऑक्सीजन से सप्लाई भी जारी है। फतेहवीर के हाथों में सूजन लगातार दिखाई दे रही है, लेकिन शनिवार को उसमें किसी तरह की हरकत नहीं थी। सीसीटीवी फुटेज में बच्चे के हाथों पर मिट्टी लगे होने का आभास भी हो रहा है। घटनास्थल पर डॉक्टर्स की टीम के अलावा एंबुलेंस का प्रबंध भी किया गया है। इसके अलावा संगरूर के एक निजी अस्पताल में वेंटीलेटर का इंतजाम भी किया गया है।
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बोरवेल में फंसे बच्चे के लिए रेसक्यू ऑपरेशन - फोटो : अमर उजाला
लेकिन दो साल के मासूम फतेहवीर सिंह को बाहर निकालने के ऑपरेशन में लगातार तकनीकी रुकावटें आ रही हैं। ऑपरेशन ‘फतेह’ के लिए किसी आधुनिक तेज गति वाली तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया गया, बल्कि दशकों से चली आ रही पुरानी तकनीक की अपनाई गई। तीन दिनों तक हाथों से ही मिट्टी निकालने का काम हुआ और ऑपरेशन में काम करने वालों के इस जज्बे को हरेक ने सराहा। सौ फुट नीचे ऑक्सीजन की कमी के कारण बचाव टीम के कुछ सदस्य बीमार हो गए।
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बोरवेल में फंसे बच्चे के लिए रेसक्यू ऑपरेशन - फोटो : अमर उजाला
जिस बोर में फतेहवीर फंसा था, उसके समानांतर करीब तीन फुट चौड़ी टनल खोदकर उसमें पाइप डाले गए। लेकिन 100 फुट गहराई पर पहुंचने पर मिट्टी गीली होने के कारण एक पाइप टेढ़ी हो गई, जिसके चलते कई घंटे काम रूका रहा। नई योजना के तहत लोहे के पाइप तैयार कर टनल में डाले गए और फिर फतेहवीर को निकालने की कवायद शुरू हुई। रविवार को देरी को लेकर लोगों ने रोष जताया और सरकार की कारगुजारी पर सवाल भी खड़े किए।

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बोरवेल में फंसे बच्चे के लिए रेसक्यू ऑपरेशन - फोटो : अमर उजाला
सोशल मीडिया पर लोग जमकर भड़ास निकाल रहे हैं। लोग सवाल पूछ रहे हैं कि करोड़ों रुपये मूर्तियों और इमारतों पर खर्च करने वाली सरकारें क्या ऐसी आपात स्थिति से निपटने के लिए कोई बड़े ऑटो यंत्र नहीं बना सकती। देश को विश्व शक्ति बनाने की सोच को आगे बढ़ाया जा रहा है लेकिन धरातल पर आधुनिक तकनीक कहीं भी दिखाई नहीं देती है। वहीं ऑपरेशन के लंबा खींचने से लोगों ने सोशल मीडिया पर जमकर सरकार को कोसा। साथ ही चीन में निर्मित कुछ अत्याधुनिक मशीनों की तस्वीरें सांझा करके सरकार से पूछा कि यहां ऐसी मशीनें क्यों मुहैया नहीं करवाई जा रही।
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बोरवेल में फंसे बच्चे के लिए रेसक्यू ऑपरेशन - फोटो : अमर उजाला
सोशल मीडिया पर हुई भावुक प्रार्थनाएं
ऑपरेशन ‘फतेह’ के लंबा खींचने और दो साल के फतेहवीर की मासूमियत भरी तस्वीरों को देखकर देशभर के हजारों लोगों की भावनाएं उसके साथ जुड़ गईं है। घटनास्थल पर भी हजारों लोगों का हजूम, चौबीसों घंटे जमा है। सोशल मीडिया पर लोगों ने भावुक प्रार्थनाओं वाली पोस्ट शेयर करके इस मासूम के प्रति अपने जज्बातों का इजहार किया। हर शख्स की जुबान पर एक ही बात थी ‘कि बनया फतेहवीर दा, निकल आया बाहर ठीक ठाक। बस हुण बच्चा जिंदा निकल आवे।’

 
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