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वंदे मातरम के नारों से गूंजा अटारी बॉर्डर, देखें- बीटिंग रिट्रीट में जवानों का शौर्य, भयजदा हुआ दुश्मन

Tue, 26 Jan 2021 07:22 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
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बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी - फोटो : ANI
गणतंत्र दिवस पर अटारी-वाघा बॉर्डर पर जवानों का शौर्य देखने को मिला। जवानों की बूट की आवाज से दुश्मन भयजदा हो उठा। इस दौरान मौजूद लोगों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाए। गगनभेदी नारों से पूरा सीमावर्ती क्षेत्र गूंज उठा। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के दौरान जवानों में जोश हाई दिखा। आइए देखते हैं शौर्य की खूबसूरत तस्वीरें...





 
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बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी - फोटो : ANI
इससे पहले बीएसएफ जवानों ने अधिकारियों की मौजूदगी में मंगलवार सुबह अटारी सड़क सीमा पर तिरंगा लहराया। बल के अधिकारियों ने अटारी सड़क सीमा पर परेड करने वाले जवानों को मिठाई व फलों की टोकरी भेंट की।
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बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी - फोटो : ANI
नहीं हुआ मिठाई का आदान-प्रदान
बीएसएफ ने इस बार भी गणतंत्र दिवस पर पाकिस्तान रेंजर के अधिकारियों के साथ मिठाई का आदान-प्रदान नहीं किया। दोनों देशों के बीच खराब हुए द्विपक्षीय सबंधों में पैदा हुई कटुता के बाद बीते दो वर्ष से धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व के दिनों में दोनों देशो के सीमा रक्षक बलों के बीच दशकों पुरानी यह साझ टूट चुकी है।  

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बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी - फोटो : ANI
बता दें कि साल 2014 में पाकिस्तान में हुए फिदायीन हमले में 61 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद दोनों देशों ने तीन दिन तक बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम को नहीं करने का फैसला लिया था। लेकिन आखिरी मौके पर पाकिस्तान ने अपनी बीटिंग रिट्रीट कर ली थी। समय न होने के कारण भारत इसे नहीं कर सका था।
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जवानों को मिठाई सौंपते अधिकारी। - फोटो : ANI
2016 में उड़ी हमले के बाद भी बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी को रद्द कर दिया गया था। वहीं 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान भी बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी नहीं हो सकी थी। अधिकारियों के मुताबिक 1965 और 1971 में भारत-पाक की जंग के दौरान भी यह रिट्रीट नहीं हुई थी। 
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