रिंग के बाहर अक्सर पहलवान भिड़ जाते हैं और एक दूसरे को मरने-मारने की धमकी देते हैं। अब इसके पीछे की सच्चाई जानिए...
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War of Pride Wrestling
ताजा वाक्या शुक्रवार का है। दरअसल, चंडीगढ़ के सेक्टर -35 स्थित जेडब्ल्यू मैरिएट में वर्ल्ड रेसलिंग प्रोफेशनल्स (आइपीडब्ल्यूपी) की प्रेस कांफ्रेस आयोजित की गई थी। जहां देखते ही देखते विदेशी और भारतीय रेसलर आपस में भिड़ गए। एक दूसरे पर कुर्सियां फेंकने लगे।
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हुआ कुछ यूं कि पत्रकार वार्ता में शिरकत करने आए मंच पर बैठे विदेशी रेसलर ब्राडी स्टिल मेहमानवाजी भूल भारतीय पहलवानों को देखकर उनके टैलेंट पर ही सवाल उठाने लगे। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह हैं आप के देश का टैलेंट?
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फिर क्या था भारतीय पहलवान गूंगा उर्फ अमृतसरिया से भी सहन नहीं हुआ, वह भी उसे जवाब देने के लिए आगे बढे़। इससे पहले बात हाथा-पाई तक पहुंचती वहां मौजूद आयोजकों ने पहले ही बीच-बचाव कर दोनों को अलग अलग कर दिया।
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दोनो पक्षों की तरफ से कुर्सियां तक उठा ली गईं। हालांकि ब्रॉडी स्टील बीच-बीच में भारत को अपना देश भी कहने से चूके नहीं, लेकिन भारतीय पहलवानों के टैलेंट को बुरा-भला कहने लगे और इडियट भी कह डाला।
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इस बात से भारतीय रेसलर टाइगर राफटा भी बुरी तरह से भड़क गए और यह कहकर विदेशी पहलवानों की चेतावनी का जवाब दिया कि आप को जवाब रिंग में मिल जाएगा भारत में काफी टैलेंट है। भारतीय पहलवान गूंगा का कहना था कि विदेशी पहलवानों ने देश के ऊपर टिप्पणी की थी, जिसका जवाब वह रिंग में उन्हें देंगे।
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कभी होटल के कमरे में घुसकर साथी पहलवान या विदेशी पहलवान को पीटना फिर उसे धमकाना कि 'आई विल सी यू इन रिंग', पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करना। जान लीजिए ये सब प्रोमोशन का तरीका होता है।
ये सब इसलिए भी किया जाता है कि सनसनी फैले और ज्यादा से ज्यादा लोग मैच को देखने पहुंचे। इसका सीधा नाता कमाई से है क्योंकि ज्यादा लोग आएंगे, ज्यादा और महंगी टिकटें बिकेंगी।