राम रहीम और उनके डेरा सच्चा सौदा के बारे में दो ऐसे सनसनीखेज दावे किए गए हैं, जानकर हर किसी के होश उड़ जाएंगे, पुलिस भी चकरा जाएगी।
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Ram Rahim
- फोटो : File Photo
डेरा सच्चा सौदा में फिल्मों की शूटिंग की आड़ में डेरामुखी अपने कुर्बानी गैंग के सदस्यों को हथियारों की ट्रेनिंग दिलाया करते थे। यह खुलासा शुक्रवार को गुरमीत राम रहीम सिंह के एक रिश्तेदार भूपिंदर सिंह गोरा ने किया। चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में भूपिंदर सिंह गोरा, जो हरमिंदर सिंह जस्सी के भांजे हैं, अपने वकील के साथ मौजूद थे। यहां उन्होंने बताया कि डेरा सिरसा में हथियारों का बढ़ा जखीरा छिपाया गया था और डेरामुखी ने कुर्बानी गैंग के रूप में 15000 शिष्यों को तैयार किया था।
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Ram Rahim
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गोरा ने बताया कि डेरे में फिल्म शूटिंग के दौरान जो फायरिंग और बम धमाके के सीन फिल्माए जाते थे, वे दरअसल कुर्बानी गैंग को हथियारों की ट्रेनिंग का हिस्सा होता था। किसी को पता न चले, इसलिए इस ट्रेनिंग को फिल्म शूटिंग का नाम दिया जाता था। गोरा ने खुलासा कि कि डेरा और डेरामुखी के राज खोलने के कारण उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्हें मारने के लिए डेरे ने एक लाख रुपये की सुपारी भी दी है।
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राम रहीम
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गोरा ने बताया कि उन्होंने इस बात को लेकर 16 जनवरी को पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। गोरा ने कहा कि डेरे में एक ऐसी जगह भी थी, जहां विरोध करने वालों को बंद करके पहले बुरी तरह पीटा जाता था। अगर विरोधी जुबान बंद रखने पर राजी नहीं होता था तो उसे गायब कर दिया जाता था। गोरा ने पिछले साल पंजाब विधानसभा चुनाव से ऐन पहले मौड़ मंडी में हुए कार ब्लास्ट के लिए डेरामुखी और उनके समधी कांग्रेस विधायक हरमिंदर सिंह जस्सी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया।
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राम रहीम
गोरा ने आरोप लगाया था कि ब्लास्ट में इस्तेमाल की गई कार डेरा सिरसा में भी तैयार कई गई थी और चुनाव प्रचार के दौरान बम धमाका करवाकर हरमिंदर सिंह जस्सी के पक्ष में सहानुभूति की लहर बनाने की योजना थी, ताकि वे आसानी से चुनाव जीत जाएं। गोरा ने आगे कहा कि इस कांड में पकड़े गए लोगों ने भी खुलासा किया है कि ब्लास्ट में इस्तेमाल की गई कार को उन्होंने सिरसा डेरे में ही पेंट किया था और उसमें वहीं पर कई बदलाव किए गए थे।
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Ram rahim
गोरा ने कहा कि इससे साफ जाहिर होता है कि ब्लास्ट गुरमीत राम रहीम ने ही करवाया था, क्योंकि जब तक उनका बेटा काफिले के साथ था, तब तक कोई धमाका नहीं हुआ। उनके बेटे के जाने के बाद ही यह धमाका हुआ, जिसमें निर्दोष लोगों की जानें चली गईं। गोरा ने जस्सी और डेरामुखी के खिलाफ 302 के तहत मामला दर्ज करने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से भी मांग की कि वे हरमिंदर सिंह जस्सी को तुरंत कांग्रेस पार्टी से निकाल दें।
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जस्सी को मारने के लिए कराया गया मौड़ मंडी ब्लास्ट
दूसरी ओर, डेरे के पूर्व सेवादार गुरदास तूर ने आरोप लगाया है कि डेरा प्रमुख व उनके समधी वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरमंदर सिंह जस्सी के बीच काफी समय से तकरार चल रही थी, जिसके चलते राम रहीम ने जस्सी को मारने के लिए मोड मंडी ब्लास्ट करवाया। गुरमीत ने डेरे की किगजी फैक्टरी को बंद करवा दिया था, जिसके बाद जस्सी अपने दामाद एवं राम रहीम के बेटे जसमीत सिंह को साथ रखना चाहता था। इसी बात को लेकर डेरामुखी की हरमंदर सिंह के साथ खटपट हो गई थी।
इसी के चलते राम रहीम ने समधी जस्सी को अपने रास्ते से हटाने के लिए मोड मंडी में ब्लास्ट करवाया। तूर का आरोप है कि ब्लास्ट में प्रयोग की गई कार डेरे में तैयार की गई थी और तैयार करने वाले मैकेनिक ने ही इसमें आरडीएक्स फिट किया था। स्व. पत्रकार रामचंद छत्रपति के पुत्र अंशुल छत्रपति का कहना है कि मोड मंडी ब्लास्ट मामले में डेरा प्रमुख के शामिल होने की इसलिए संभावना है क्योंकि राम रहीम व उनके समधी के बीच काफी समय से मनमुटाव चल रहा था।