नकली करेंसी से बचकर रहें और देखें कि आपकी जेब में रखा 2000 या 500 का नोट नकली तो नहीं। ऐसे कर सकते हैं असली की पहचान। चंडीगढ़ में सेक्टर-17 में स्थित आरबीआई भवन के सभागार में आयोजित दो दिवसीय रीजनल मीडिया वर्कशॉप में यह जानकारी दी गई।
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आरबीआई करेंसी मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के सीजीएम अजय मिचयारी ने बताया कि फेक करेंसी को असली मुद्रा में बदल पाना इतना आसान नहीं है। हालांकि, जालसाजों द्वारा नई करेंसी की हू-ब-हू नकल करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अभी तक जालसाज अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हुए हैं। इसके अलावा अजय मिचयानी ने चलचित्र के माध्यम से नई करेंसी और फेक करेंसी की पहचान करने के कई महत्वपूर्ण तरीके बताए।
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2000 के असली नोट की पहचान
नोट को अगर रोशनी के सामने देखेंगे तो यहां पर 2000 रुपए अंकों में लिखा दिखेगा। नोट को 45 डिग्री तिरछा कर के देखेंगे तो 2000 रुपए अंकों में लिखा दिखेगा। देवनागिरी में 2000 लिखा हुआ होगा। बीच में महात्मा गांधी की तस्वीर होगी। छोटे-छोटे फॉन्ट में RBI और 2000 लिखा होगा। जब नोट को तिरछा करेंगे तो धागे का रंग हरे से बदलकर नीला हो जाएगा।
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गवर्नर धारक को रुपया अदा करता है वाली लाइन होगी और गवर्नर का दस्तखत होगा। नोट को तिरछा करने पर गांधी की फोटो दिखेगी। दाईं तरफ अशोक स्तंभ होगा। दाईं तरफ ही छोटा सा 2000 उभरा हुआ लिखा होगा। दाईं ओर ही 7 लकीरें खींची होंगी। जिस साल नोट छपा है, वह साल लिखा होगा। गांधी की ऐनक वाला स्वच्छ भारत का लोगो होगा और मंगलयान की फोटो होगी। नोट पर अलग-अलग भाषाओं में 2 हजार रुपए लिखा हुआ होगा।
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500 के असली नोट की पहचान
नोट को अगर रोशनी के सामने देखेंगे तो यहां पर 500 रुपए अंकों में लिखा दिखेगा। नोट को 45 डिग्री तिरछा कर के देखेंगे तो 500 रुपए अंकों में लिखा दिखेगा। देवनागरी में 500 लिखा हुआ होगा। बीच में गांधी की तस्वीर होगी। छोटे-छोटे फॉन्ट में RBI और 500 लिखा होगा। जब नोट को तिरछा करेंगे तो धागे का रंग हरे से बदलकर नीला हो जाएगा। एक छोटे से गोले में 500 रुपए उभरा हुआ लिखा होगा।
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गवर्नर धारक को रुपया अदा करता है वाली लाइन और गवर्नर का दस्तखत होगा। नोट को तिरछा करने पर खाली जगह पर गांधी की फोटो दिखेगी। रुपए के सिम्बल के साथ अंग्रेजी में 500 लिखा हुआ होगा। दाईं तरफ अशोक स्तंभ होगा। दाईं तरफ ही छोटा सा 500 उभरा हुआ लिखा होगा। जिस साल नोट छपा है, वह साल लिखा होगा। गांधी की ऐनक वाला स्वच्छ भारत का लोगो और लाल किले की फोटो होगी। अलग-अलग भाषाओं में 500 रुपए लिखा हुआ होगा।
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नकली नोट का क्या करें
सीजीएम अजय मिचयारी ने बताया कि जब भी एटीएम से नकली नोट मिले तो सबसे पहले वहां मौजूद लोगों और गॉर्ड को वो नोट दिखाएं। बैंक के टोल फ्री नम्बर पर कॉल करके जानकारी दें। पुलिस को भी फोन करके इसके बारे में बताएं, इससे आप परेशानी से बच जाएंगे। अगर आप ऐसा करेंगे तो साबित हो जाएगा कि आपको एटीएम से नकली नोट मिला है। साथ ही बदले में बैंक आपको असली नोट दे देगा, नहीं तो नुकसान ही झेलना पड़ेगा।
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आरबीआई प्रोडक्शन डिपार्टमेंट की ईडी सुरेखा मरांडी ने बताया कि बैंक डिमांड और सप्लाई पर अपना बिजनेस करते हैं। अभी तक बैंकों को काम केवल सप्लाई पर ही चल रहा था, लेकिन अब बैंकों ने अपना रुख डिमांड पर भी फोकस किया है। उनका कहना है कि आज के दस साल पहले बैंकों के वित्तीय समावेशन की हालत बहुत खराब थी। आरबीआई के पूर्व गर्वनर रघुराम राजन ने समावेशन की स्थिति को सुधारने के लिए बैंकों का रुख गांवों की ओर किया था। यही कारण है कि आज देश के दूरदराज गांवों तक बैंकों दखल हो चुका है।
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नोटबंटी के बाद देश में बैंक कर्मियों पर लग रहे आरोपों के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपना रुख साफ किया है। आरबीआई बैंकिंग डिपार्टमेंट के सीजीएम प्रकाश बलियान सिंह ने कहा कि 11,000 करोड़ घोटाले का आरोपी नीरव मोदी देश छोड़कर कैसे भाग गया। भविष्य में पीएनबी जैसे घोटाले रोकने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे तमाम सवालों के जबाव अभी मिलना संभव नहीं है क्योंकि भारतीय बैंकों की निगरानी के लिए आरबीआई के पास पर्याप्त अधिकार नहीं हैं। हमें आम बैंकों नजर रखना मुश्किल हो रहा है। इसके बावजूद हमारी ओर से बैंक डिफाल्टरों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
प्रकाश बलियान सिंह ने कहा कि देश में विभिन्न बैंकों के 1,16000 कॉमर्शियल ब्रांच कार्यरत हैं। इसलिए इतनी सारी बैंकों की निगरानी करना आरबीआई के लिए संभव नहीं लग रहा है। आरबीआई के पास बैंकों के इंटरनल कंट्रोल सिस्टम पर निर्भर रहने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। सीजीएम ने कहा कि आरबीआई के पास देश में कार्यरत विभिन्न बैंकों के ऑडिट करने का अधिकार नहीं है। ऐसी स्थिति में हर किसी के कामकाज पर नजर रख पाना संभव नहीं है।