चोर चंद मिनटों में कच्चा तेल चोरी कर लेते थे, जिसकी बाजार में कीमत हजारों रुपये है। मौका-ए-वारदात देखकर पुलिस वाले भी हैरान रह गए, आप भी देखिए तस्वीरों में।
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तेल की चोरी
हरियाणा के पानीपत जिले में गांव सिवाह स्थित ज्वार के खेतों में करीब एक माह से रिफाइनरी की मथुरा-जालंधर पाइप लाइन की चैनेज संख्या 96.750 किलोमीटर से पेट्रोल चोरी किया जा रहा था। करीब 7 दिन तक पेट्रोल चोरी की जगह को तलाशते-तलाशते टीम वीरवार की शाम चार बजे मौके पर पहुंचीं। यह जगह एक खेत था, जहां मिट्टी का काफी बड़ा हिस्सा भीगा हुआ मिला। उसके आसपास से लेकर दूर-दराज तक के क्षेत्र की मिट्टी पूरी तरह सूखी थी, जिस पर पुलिस को शक हुआ। इतना ही नहीं वहां पेट्रोल की बहुत अधिक महक भी आ रही थी। वहां खुदाई शुरू की गई और पेट्रोल की पाइप लाइन में रिसाव मिला। यहीं से पेट्रोल चोरी किया जा रहा था। इससे पूर्व तीन अप्रैल 2018 को समालखा के नरायणा गांव के खेतों में इसी पाइप लाइन से तेल चोरी हुई थी।
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तेल की चोरी
इस तरह जुगाड़ बना कर करते थे तेल चोरी
पुलिस को दी शिकायत में पानीपत आईओसीएल के वरिष्ठ प्रचालन प्रबंधक उत्तरी क्षेत्र पाइपलाइंस राकेश सिंह ने बताया कि जुगाड़बाजी से पेट्रोल चोरी किया जा रहा था। वारदात स्थल पर शातिर चोरों ने पाइप लाइन पर 2 इंच व 4 इंच का सॉकेट वेल्ड करके उस पर दो इंच का वॉल्व फिट किया हुआ था। साथ ही 2 इंच का तीन फुट लंबा पाइप जोड़कर उसके ऊपर एक 2 इंच का वॉल्व लगा रखा था। उस वॉल्व के ऊपर बेंड फिट करके 1/4 इंच का जीआई पाइप लगाकर करीब पांच फुट आगे खेत के मेड़ के पार ले जाया गया। वहां एक बेंड व 1/4 इंच वॉल्व लगाया, फिर एक बेंड लगाकर 1/4 इंच पीवीसी (लगभग 10 फुट लंबा) पाइप मेड़ के सहारे एक्सटेंड किया हुआ था। एक्सटेंड किए गए पीवीसी पाइप के अंतिम छोर पर एक 1/4 इंच वॉल्व फिर से लगाया व एक बेंड लगाकर करीब 4 इंच सॉकेट फिट किया हुआ था। इसके बाद 10 फीट लंबा 1/4 इंच का पीवीसी पाइप, जोक नाले के साथ घास में पड़ा हुआ था। जिस पाइप के माध्यम से तेल चोरी किया जाता था।
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तेल की चोरी
23 मार्च को पहला आया प्रेशर डाउन, इसके बाद आए 4 और
तेल चोरी होने की पता 23 मार्च की रात को लगा। इस रात तड़के 2 से 3 बजे के बीच पेट्रोल का पहला प्रेशर डाउन आया। जिसका पता मकैनिज्म के जरिए लगा। 23 मार्च की सुबह आईओसीएल के अधिकारी एसपी से मिले। जिन्होंने एसपी को प्रेशर डाउन होने की बात कही। साथ ही ये प्रेशर डाउन होने की लोकेशन समालखा से सिवाह तक के बीच की बताई थी। लेकिन तेल चोरी होने की सही जगह न पता होने के कारण पुलिस और आईओसीएल के अधिकारियों को इसका पता न लग सका। लेकिन उस दिन से ही पुलिस की टीम तेल चोरी की जगह का पता लगाने में जुटी हुई थी। इसी बीच अगला प्रेशर डाउन 7 अप्रैल को रात 11 से 12 के बीच में लगा। इसके बाद 9 अप्रैल की रात 12 बजे, 13 अप्रैल की तड़के 2 से 3 बजे के बीच व 22 अप्रैल की रात सवा 12 से 2 बजे के बीच में प्रेशर डाउन हुआ।
12 पुलिसकर्मियों के साथ 2 आईओसीएल के वर्कर के साथ पुलिस एक सप्ताह से समालखा से गांव सिवाह के दायरे में आने वाली पेट्रोल लाइन पंप को बारीकी से चेक कर रही थी। ये पूरी चेकिंग भौतिक तौर से की गई। जिसके चलते इस वारदात का पता लग सका। पुलिस इस मामले में कई पहलुओं पर जांच कर रही थी। जिसमें मुख्य रूप से उन आरोपियों की सूची तैयार की गई, जो इस तरह की वारदात में पहले में शामिल रहे हैं। - दीपक कुमार, सीआइए-टू, प्रभारी