फायर फाइटर रविंदर शर्मा ने सेक्टर-17 की नाइलिट इमारत में लगी आग बुझाने में अपनी जान गवां दी, लेकिन उसके भोग पर प्रशासन और नगर निगम का कोई भी अधिकारी उनके बेटे को नौकरी का आश्वासन देना तो दूर श्रद्धांजलि देने तक के लिए नहीं आ सका।
विज्ञापन
PICS: जिनके लिए जान गंवा दी, वे दो हफ्ते में भूले
2 of 9
सेक्टर-17 का भी कोई व्यापारी मौजूद नहीं रहा, जबकि रविंदर शर्मा यहां की इमारत में लगी आग को बुझाते हुए ही शहीद हुए।
विज्ञापन
PICS: जिनके लिए जान गंवा दी, वे दो हफ्ते में भूले
3 of 9
वहीं नगर निगम के मेयर हरफूल चंद कल्याण, पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल, सीनियर डिप्टी मेयर हीरा नेगी, वार्ड पार्षद सतप्रकाश अग्रवाल, दर्शन गर्ग, भाजपा पार्षद सतिंद्र सिंह, अकाली पार्षद मलकीयत सिंह, कांग्रेस नेता रामपाल शर्मा आदि इस दौरान मौजूद रहे।
PICS: जिनके लिए जान गंवा दी, वे दो हफ्ते में भूले
4 of 9
मेयर हरफूल चंद कल्याण ने भी भोग कार्यक्रम में रविंदर के बेटे को नौकरी देने की सीधे तौर पर कोई घोषणा नहीं की, जबकि परिवार और गांव के लोगों को इस तरह की उम्मीद थी।
विज्ञापन
PICS: जिनके लिए जान गंवा दी, वे दो हफ्ते में भूले
5 of 9
रविंदर शर्मा के साथ काम करने वाले एयरफोर्स के कर्मचारी संदीप वर्मा ने नगर निगम के मेयर और पार्षदों को कहा कि, प्लीज इस परिवार के लिए कुछ करो।
विज्ञापन
PICS: जिनके लिए जान गंवा दी, वे दो हफ्ते में भूले
6 of 9
रविंदर शर्मा अगर चाहता तो वह आग बुझाने के लिए जाने से टाल सकता था। गांव निवासी राकेश कुमार ने बताया कि उस दिन ही रविंदर शर्मा की भतीजी की मौत हुई थी और वह अंतिम संस्कार से लौटा था। इसके बावजूद उसे जब एयरफोर्स से फोन आया तो वह जाने के लिए तैयार हो गया, जबकि वह विभाग को कारण बता कर इंकार कर सकता था।
विज्ञापन
PICS: जिनके लिए जान गंवा दी, वे दो हफ्ते में भूले
7 of 9
नगर निगम के चीफ फायर अफसर के पद पर पीसीएस सुनील भाटिया तैनात हैं। को-ऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी इंप्लाइज वर्कस के संयोजक राकेश कुमार ने मेयर से मांग की कि इस पद पर टेक्निकल चीफ फायर अफसर तैनात किया जाए। इस समय इस पद पर जो अधिकारी तैनात हैं, वह इस क्षेत्र के नहीं हैं।
PICS: जिनके लिए जान गंवा दी, वे दो हफ्ते में भूले
8 of 9
पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन बंसल ने भोग के दौरान शहीद को श्रद्घांजलि देते हुए कहा कि बच्चों की शिक्षा और बेटे को नौकरी देने के लिए उनसे जो बन पड़ेगा वह प्रयास करेंगे।
मेयर हरफूल चंद कल्याण से जब पूछा गया कि नगर निगम का कोई अधिकारी कार्यक्रम में नहीं आया तो उन्होंने कहा कि वह तो आएं हैं। अब अधिकारियों के बारे में क्या कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि शहीद के बेटे के नौकरी की मांग प्रशासन के सामने रखी जाएगी।